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मुजफ्फरनगर में एडवोकेट समीर सैफी के अपहरण और हत्या के मामले में तीन दोषियों को फांसी

मुजफ्फरनगर में एडवोकेट समीर सैफी के अपहरण और हत्या के मामले में तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। यह मामला 2019 में 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है। समीर का शव एक गड्ढे में मिला था, और पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और सजा का विवरण।
 

सजा का ऐलान

मुजफ्फरनगर में एक महत्वपूर्ण मामले में, एडवोकेट समीर सैफी की हत्या के लिए तीन व्यक्तियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। यह मामला सात साल पहले 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी के लिए उनके अपहरण से जुड़ा है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने इस मामले में मृत्युदंड की सजा सुनाई, जबकि एक अन्य आरोपी, जो पोल्ट्री फार्म में काम करता था, को सात साल की सजा दी गई है। सभी दोषियों पर 13.30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.


मामले की पृष्ठभूमि

15 अक्टूबर 2019 को, समीर सैफी लापता हो गए थे, जब उनके चैंबर का उद्घाटन हुआ था। उनके पिता ने अगले दिन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल की जांच की, जिसके बाद 19 अक्टूबर को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।


हत्या की योजना

आरोपियों ने समीर का अपहरण किया और भोपा रोड पर ले जाकर उनकी हत्या कर दी। समीर का शव सीकरी गांव में पोल्ट्री फार्म के पास एक गड्ढे में मिला। अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए छह गवाहों और सीसीटीवी फुटेज को सबूत के रूप में पेश किया।


सजा का निष्कर्ष

सोमवार को, न्यायाधीश ने दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। सिंगोल अल्वी पर 11.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि अन्य दो पर 2.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। दिनेश को सात साल की सजा और 10 हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया। जुर्माने की राशि समीर के पिता को दी जाएगी।


अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद सभी दोषियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच में लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।