मुजफ्फरनगर में अपहरण और हत्या मामले में तीन दोषियों को फांसी की सजा
अधिवक्ता समीर सैफी हत्या मामले का फैसला
मुजफ्फरनगर में अधिवक्ता समीर सैफी के अपहरण और हत्या के मामले में सोमवार को अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। इस मामले में 40 लाख रुपये के लेन-देन के कारण तीन आरोपियों, सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान और शालू उर्फ अरबाज को फांसी की सजा दी गई। वहीं, चौथे आरोपी दिनेश को सात साल की सजा सुनाई गई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-तीन के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने यह फैसला सुनाया। यह घटना 15 अक्टूबर 2019 को हुई थी, जब समीर सैफी लद्दावाला क्षेत्र से लापता हो गए थे और उनका शव 19 अक्टूबर को भोपा क्षेत्र के सीकरी फार्म से बरामद किया गया।
पुलिस की जांच में यह सामने आया कि समीर का आरोपियों के साथ लगभग 40 लाख रुपये का लेन-देन था। जब आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार किया, तो उन्होंने हत्या की योजना बनाई। समीर को कार में ले जाकर रस्सी से गला घोंटकर मार दिया गया और शव को मिट्टी में छिपा दिया गया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में छह गवाहों को पेश किया। आरोपियों पर अपहरण, हत्या, साजिश और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप सिद्ध हुए। दिनेश पर केवल साक्ष्य नष्ट करने का आरोप साबित हुआ।