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मुख्यमंत्री हिमंता सरमा का कांग्रेस पर गंभीर आरोप: जनसांख्यिकीय बदलाव की योजना

मुख्यमंत्री हिमंता सरमा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी ऊपरी असम के प्रमुख जिलों की जनसांख्यिकीय संरचना में बदलाव लाने की योजना बना रही है। उन्होंने कांग्रेस के एक नेता की विवादास्पद टिप्पणी की निंदा की और कहा कि यह असम के सामाजिक ताने-बाने को खतरे में डालने का प्रयास है। सरमा ने गौरव गोगोई पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि उन्हें इस बयान का विरोध करना चाहिए था। जानें इस राजनीतिक विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 

मुख्यमंत्री का आरोप

मुख्यमंत्री हिमंता सरमा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी ऊपरी असम के कुछ प्रमुख जिलों की जनसांख्यिकीय संरचना में बदलाव लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस के एक नेता द्वारा शिवसागर और तिनसुकिया को धुबरी में बदलने की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। कांग्रेस में शामिल हुए अखिल असम अल्पसंख्यक छात्र संघ (एएमएसयू) के पूर्व अध्यक्ष रेजाउल करीम ने यह दावा किया था कि ऐसे बदलाव असम के विकास में सहायक होंगे।


तत्काल प्रतिक्रिया

इस टिप्पणी पर ऊपरी असम में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली। शिवसागर को ऐतिहासिक रूप से अहोमों का गढ़ माना जाता है, जबकि धुबरी को बंगाली मुस्लिम बहुल क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, "हम भय में जी रहे हैं," और यह भी कहा कि वह गौरव गोगोई के साथ मिलकर असम से हिमंता बिस्वा सरमा को बाहर निकालने का प्रयास करेंगे।


मुख्यमंत्री की चेतावनी

मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियां प्रमुख जिलों की जनसांख्यिकीय संरचना को बदलने की पार्टी की मंशा को उजागर करती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने शिवसागर और तिनसुकिया जैसे जिलों को 'मिया' की भूमि में बदलने का इरादा स्पष्ट किया है।


गौरव गोगोई पर निशाना

सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि वह उस कार्यक्रम में मौजूद थे जब यह विवादास्पद बयान दिया गया था। उन्होंने कहा कि गोगोई को इस बयान का विरोध करना चाहिए था।