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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वृक्षारोपण अभियान: 35 करोड़ पौधों का लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष 35 करोड़ पौधों के रोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने जनभागीदारी के माध्यम से वृक्षारोपण को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। इस अभियान में हर आंगनबाड़ी केंद्र में 5 सहजन के पौधे लगाने और स्कूलों में छात्रों को एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पौधों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर जोर देते हुए आधुनिक तकनीक के माध्यम से वृक्षारोपण की निगरानी की बात की। जानें इस अभियान की विस्तृत जानकारी और उत्तर प्रदेश में वृक्षारोपण की प्रगति के बारे में।
 

वृक्षारोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष 35 करोड़ पौधों के रोपण का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में जनभागीदारी के माध्यम से प्रदेश ने वृक्षारोपण में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं और इसे अब जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। रविवार को वृक्षारोपण अभियान 2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में कम से कम 5 सहजन के पौधे लगाने का आह्वान किया। इसके साथ ही, स्कूल और कॉलेजों में हर छात्र को एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।


वृक्षारोपण में प्रगति

बैठक में बताया गया कि पिछले वर्षों में वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 2009 से 2016 के बीच 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए, जबकि 2017 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ हो गई। इस अवधि में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की वृद्धि हुई है, जिससे हरित आवरण लगभग 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कार्बन स्टॉक में भी प्रदेश ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।


विज्ञान और योजनाबद्धता पर जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्ष 2026 के अभियान को पूरी तरह से वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जाए। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग को अभियान की आधारशिला बताते हुए ग्रामीण और शहरी स्तर पर सभी माइक्रो प्लानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की बात कही।


पौधों की गुणवत्ता पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने पौधों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से निःशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। प्रदेश में 1935 विभागीय नर्सरियां संचालित हैं और 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।


पौधों की सुरक्षा और मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री ने पौधों की सुरक्षा और उनकी जीवितता सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। 'हरीतिमा' ऐप, जीआईएस मैपिंग, क्यूआर कोड आधारित ट्रैकिंग और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वृक्षारोपण की निगरानी की जा रही है।


विशेष पहल और निर्देश

मुख्यमंत्री ने शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर वन/वाटिका स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने नदियों और हाइवे के किनारे पौधे लगाने की बात भी की। इस वर्ष अयोध्या में रामायणकालीन पौधे लगाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


कार्ययोजना और सहयोग

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि 30 मई तक अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।


रामसर साइट का प्रमाण पत्र

बैठक के दौरान वन एवं पर्यावरण विभाग ने मुख्यमंत्री को 'शेखा झील पक्षी विहार, अलीगढ़' के रामसर साइट घोषित होने का प्रमाण पत्र सौंपा। उत्तर प्रदेश में कुल 12 रामसर स्थल नामित किए जा चुके हैं, जो 38,992.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले हुए हैं।