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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छात्रों के लिए प्रेरणादायक संदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10वीं और 12वीं के परिणामों के बाद छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक पत्र लिखा है। उन्होंने सफल छात्रों को बधाई दी और असफल छात्रों को 'चरैवेति-चरैवेति' का मंत्र दिया। पत्र में उन्होंने सफलता और असफलता के महत्व पर जोर दिया और अभिभावकों से बच्चों का हौसला बढ़ाने की अपील की। योगी ने महान व्यक्तित्वों के उदाहरण देकर छात्रों को प्रेरित किया कि असफलता भी सफलता की ओर ले जा सकती है।
 

मुख्यमंत्री का विशेष पत्र

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) द्वारा 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परिणामों की घोषणा के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक पत्र लिखा है। उन्होंने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी और कम अंक प्राप्त करने वाले या असफल छात्रों के लिए 'चरैवेति-चरैवेति' (चलते रहो, चलते रहो) का संदेश साझा किया।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस पत्र को साझा करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का परीक्षा परिणाम बहुत उत्साहजनक रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उन छात्रों को संबोधित किया जो अपेक्षित परिणाम नहीं प्राप्त कर सके। योगी ने लिखा, 'उत्तर प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं। इस वर्ष का परीक्षा परिणाम अत्यंत उत्साहजनक है। कई छात्रों ने मेहनत और लगन से पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। मेरी ओर से सभी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों बधाइयां और आशीर्वाद।'


सफलता और असफलता का महत्व

पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह पत्र विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है, जो किसी कारणवश अपेक्षित परिणाम नहीं ला सके। सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। सफलता हमें प्रेरित करती है, जबकि असफलता निराशा पैदा कर सकती है।' उन्होंने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, 'हमें इस निराशा को दूर कर 'चरैवेति-चरैवेति' के मंत्र पर आगे बढ़ना है। यह सूत्र वाक्य हमें निरंतर मेहनत, प्रगति और जीवन में आगे बढ़ने का संदेश देता है।'


योगी ने कहा, 'याद रखें, एक असफलता भविष्य की अनंत सफलताओं और संभावनाओं की जननी हो सकती है।' उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी परिणाम जीवन का अंतिम नहीं होता, बल्कि यह एक नए आरंभ का अवसर होता है।


प्रेरणादायक उदाहरण

योगी ने उदाहरण देते हुए कहा, 'महान आविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन ने बल्ब के आविष्कार के लिए हजारों प्रयोग किए। हर प्रयोग असफल रहा, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा। अंततः उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने बल्ब का आविष्कार किया।'


उन्होंने यह भी कहा कि 'विश्व के महान गणितज्ञों में से एक श्रीनिवास रामानुजन सहित कई ऐसी विभूतियां हुई हैं, जिन्होंने बाधाओं और असफलताओं का सामना किया और अपने-अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त की।'


अभिभावकों के लिए संदेश

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी कहा, 'बच्चे देश का भविष्य हैं। यदि वे किसी कारणवश अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाए हैं, तो निराश होने के बजाय उनका हौसला बढ़ाएं। उनकी रुचि किस विषय में है, इसे समझने का प्रयास करें।'


उन्होंने कहा, 'ऐसे अनेक क्षेत्र हैं, जहां करियर निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। इन अवसरों को पहचानने में बच्चों की मदद करें और उनकी प्रतिभा को विकसित होने दें।'