मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर में संस्कार कांवड़ यात्रा में भाग लिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर में 'संस्कार कांवड़ यात्रा 2026' में भाग लिया, जहां उन्होंने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उनकी सुरक्षित यात्रा की कामना की। यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और नर्मदा जल लेकर आए। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस यात्रा का हिस्सा बनकर पर्यावरण की रक्षा का संदेश दिया। यह यात्रा हिंदू धर्म में श्रावण महीने के महत्व को उजागर करती है, जिसमें भक्त भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
Aug 10, 2026, 16:18 IST
संस्कार कांवड़ यात्रा 2026 का आयोजन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को जबलपुर में 'संस्कार कांवड़ यात्रा 2026' में भाग लिया, जो पवित्र श्रावण महीने का दूसरा सोमवार था। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री यादव ने कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए उन पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं और उनकी सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। यादव ने कहा कि आज जबलपुर, जो माँ नर्मदा का शहर है, में लाखों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ को नर्मदा जल चढ़ाने के लिए कांवड़ लेकर निकले हैं। उन्होंने सभी को दिल से बधाई दी और कामना की कि सावन का यह पवित्र महीना सभी की मनोकामनाएं पूरी करे और उनके जीवन की कठिनाइयों को दूर करे।
यात्रा में श्रद्धालुओं की भागीदारी
यादव ने बताया कि इस यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान शिव को चढ़ाने के लिए नर्मदा नदी से जल लाए। उसी दिन, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी 'संस्कार कांवड़ यात्रा' में भाग लिया। उन्होंने इसे पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का एक अवसर बताया, क्योंकि यह यात्रा प्रकृति की रक्षा और न्याय की भावना के साथ आयोजित की जाती है।
प्रकृति की रक्षा का संदेश
पटवारी ने कहा कि संस्कार कांवड़ यात्रा का उद्देश्य प्रकृति के साथ न्याय करना और उसकी रक्षा करना है। वे पेड़-पौधों, जल, जंगलों और ज़मीन की बात करते हैं। भगवान भोलेनाथ की दिव्य उपस्थिति पेड़-पौधों में भी झलकती है, और यह यात्रा इस संदेश को फैलाने का माध्यम है। जबलपुर संस्कृति और मूल्यों का शहर है, और अनगिनत कांवड़िये मध्य प्रदेश, देश और दुनिया में खुशी, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं।
श्रावण महीने का महत्व
उन्होंने आगे कहा कि लोगों को राज्य और देश की समृद्धि के लिए मिलकर प्रार्थना करनी चाहिए और साथ ही प्रकृति के साथ न्याय और उसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए। हिंदू धर्म में श्रावण महीने का विशेष महत्व है, जो इस वर्ष 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। भक्त भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए पूरे महीने सोमवार का व्रत रखते हैं।