मुख्यमंत्री मोहन यादव का मंदिरों के विकास में नया दृष्टिकोण
मंदिरों के विकास की दिशा में मुख्यमंत्री का प्रयास
भोपाल: उज्जैन के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान मध्य प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के विकास की योजना बनाई है। यह ध्यान देने योग्य है कि जब भी वह किसी जिले का दौरा करते हैं, तो पहले वहां के प्रमुख मंदिर में जाकर पूजा करते हैं। इसके बाद वह सभा में मंदिर की विशेषताओं और अपने अनुभवों को साझा करते हैं, साथ ही संबंधित मंदिर के लिए नई घोषणाएं भी करते हैं।
महाकाल लोक के तर्ज पर विकास की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने महाकाल लोक के मॉडल पर कई मंदिर परिसरों के विकास की घोषणाएं की हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी महाकाल मंदिर और अन्य मंदिरों के विकास की योजनाएं बनाई थीं।
उदयपुर के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में शिवभक्ति का कार्य जारी है। ओरछा में विशेष लोक का निर्माण भी पूरा हो चुका है। डॉ. मोहन यादव ने मंदिरों के जीर्णोद्धार और विशेष लोक बनाने की योजनाएं बनाई हैं।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले महादेव की पूजा
मुख्यमंत्री अक्सर महाकालेश्वर मंदिर में पूजा करते हैं। हाल ही में, उन्होंने उज्जैन के अंगारेश्वर महादेव के दर्शन कर पूजा की और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता की प्रार्थना की। इस समिट में करोड़ों के निवेश की घोषणाएं हुईं।
ओरछा में श्रीराम राजा लोक का विकास
15 अक्टूबर 2025 को, डॉ. मोहन यादव ने ओरछा में 132 करोड़ रुपये की लागत से श्रीराम राजा लोक के द्वितीय चरण का शिलान्यास किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि ओरछा को पर्यटन बोर्ड की हेलिकॉप्टर योजना से जोड़ा जाएगा।
उज्जैन के गोपाल मंदिर का जीर्णोद्धार
14 नवंबर 2025 को, मुख्यमंत्री ने उज्जैन के गोपाल मंदिर का निरीक्षण किया और वहां के विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर में पूजा भी की।
मुरैना में शनि लोक का निर्माण
सितंबर 2025 में, मुख्यमंत्री ने मुरैना में त्रेताकालीन शनि मंदिर में शनि लोक बनाने की घोषणा की।
नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में पूजा
10 जनवरी 2026 को, डॉ. मोहन यादव ने उदयपुर के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में पूजा की और सोमनाथ मंदिर के गौरव को याद किया।
सांस्कृतिक अभ्युदय की दिशा में कदम
बीजेपी प्रवक्ता सचिन सक्सेना ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय का नया अध्याय लिखा जा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता मुकेश नायक ने कहा कि यदि किसी के आचरण में परिवर्तन नहीं आता, तो यह केवल अभिनय है।
डॉ. राहुल कटारिया ने कहा कि डॉ. मोहन यादव आध्यात्मिक व्यक्ति हैं और उनका मंदिरों के प्रति लगाव स्पष्ट है।