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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून-व्यवस्था पर की समीक्षा, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दिया निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए कि उनकी रूह कांप जाए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम और नशा तस्करी के मामलों में केवल गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा, बल्कि इनका पूरा नेटवर्क ध्वस्त करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने और महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों में कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जानें इस बैठक में और क्या चर्चा हुई।
 

कानून-व्यवस्था की समीक्षा


जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी ठोस और निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए कि बदमाशों की रूह कांप जाए। अब क्षेत्र में होने वाले अपराधों की जिम्मेदारी सीधे संबंधित आईजी और एसपी पर होगी। उन्होंने गृह विभाग और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में अपराध किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।


संगठित अपराध और साइबर क्राइम पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने बैठक में कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों को फटकार लगाते हुए कहा कि संगठित अपराध, साइबर क्राइम और नशा तस्करी के मामलों में केवल गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा, बल्कि इन अपराधों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गोगुंदा में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी को नोटिस जारी किया गया। उन्होंने अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर में हाल में हुई आपराधिक घटनाओं के बारे में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।


अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने का अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध हथियार संगठित अपराध की रीढ़ हैं और इन्हें तोड़ना अत्यंत आवश्यक है। जिन जिलों में आर्म्स एक्ट के मामलों में वृद्धि हुई है, वहां अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। हथियारों की बरामदगी की स्थिति में कार्रवाई केवल उस अपराधी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे नेटवर्क का पता लगाकर सरगना तक पहुंचना होगा।


सोशल और फाइनेंशियल नेटवर्क का खात्मा

मुख्यमंत्री ने अपराधियों के सोशल और फाइनेंशियल नेटवर्क को समाप्त करने पर जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी करते हुए ऐसे युवाओं पर ध्यान देना चाहिए जो अपराधियों को फॉलो करते हैं। इसके साथ ही, भू माफिया गतिविधियों और हवाला लेन-देन पर अंकुश लगाकर अपराधियों की आय के स्रोतों को बंद करना होगा। ड्रग तस्करों की अवैध संपत्तियों को जब्त करने और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में तेजी लाने की आवश्यकता है।


साइबर ठगी रोकने के लिए साइबर पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने साइबर पेट्रोलिंग बढ़ाने और साइबर सेल में विशेष कार्मिक तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आमजन का विश्वास बहाल करना पुलिस की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि साइबर ठगी का कोई भी नेटवर्क राजस्थान में बचने नहीं पाए।


महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में कठोर कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराधों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने और अपराधियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य किया जाए।


सीएलजी की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में नियमित रूप से सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) की बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया। इससे पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद और समन्वय सुनिश्चित होगा, जिससे कानून व्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने सीएलजी बैठकों की मुख्यालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने की बात कही, ताकि प्राप्त सुझावों और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की जा सके।


बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग और पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, रेंज महानिरीक्षक और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए।