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मुख्यमंत्री फडणवीस ने NEET प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी वापस लेने का निर्देश दिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने NEET प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने का आदेश दिया है। यह निर्णय विभिन्न स्थानों पर हुए प्रदर्शनों के बाद लिया गया, जिसमें छात्रों और युवाओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। कॉजपा ने भी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग की है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
 

मुख्यमंत्री का निर्देश

मुंबई, 28 जुलाई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग को निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर हुए प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को वापस लिया जाए। यह जानकारी मंगलवार को सूत्रों द्वारा दी गई। पिछले सप्ताह, ये प्रदर्शन मुख्य रूप से मुंबई, पुणे और नागपुर में आयोजित किए गए थे।


प्रदर्शन का कारण

ये पुलिस मामले कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित नीट पेपर लीक विरोधी आंदोलन के समर्थन में हुए प्रदर्शनों से संबंधित हैं। इन मामलों में मुख्य रूप से गैरकानूनी जमावड़े की धाराएं लगाई गई थीं। सूत्रों के अनुसार, फडणवीस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को वापस लेने के लिए गृह विभाग को निर्देशित किया है।


छात्रों का प्रदर्शन

कई छात्रों, युवाओं और कार्यकर्ताओं ने मई में नीट पेपर लीक के मामले को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग की थी। इनमें से अधिकांश प्रदर्शन 23 और 24 जुलाई को हुए थे।


कॉजपा की मांगें

सोमवार को, कॉजपा ने नीट पेपर लीक मामले में हाल ही में गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई और पहले से दर्ज सभी प्राथमिकी वापस लेने की मांग की थी। इसके साथ ही, उन्होंने भविष्य में कोई नया मामला दर्ज न करने की भी मांग की। कॉजपा ने चेतावनी दी थी कि यदि सरकार मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं देती है, तो वे अपना आंदोलन फिर से शुरू करेंगे।


विपक्ष की प्रतिक्रिया

इससे पहले, विपक्षी शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी नीट पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और नोटिस वापस लेने की मांग की थी।