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मुख्यमंत्री ने पशु रोग नियंत्रण पर की उच्चस्तरीय बैठक

जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पशु रोग नियंत्रण पर एक उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने पशुओं के टीकाकरण को प्राथमिकता देने और पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की प्रगति और लापरवाही के मामलों में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। मुख्यमंत्री ने पशुपालकों के लाभ के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
 

पशु स्वास्थ्य पर जोर


जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य में कोई भी पशु टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। पशुओं का स्वास्थ्य किसानों की आर्थिक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण है। जब पशु बीमार होते हैं, तो इसका सीधा असर किसानों की आजीविका और आय पर पड़ता है। इसलिए, पशुओं के टीकाकरण को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता से कार्य करने की आवश्यकता है।


बैठक में उठाए गए मुद्दे

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पशु रोग नियंत्रण पर एक उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने लापरवाही के मामलों में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि विभाग को फील्ड में प्रभावी मॉनिटरिंग करनी चाहिए और पशु चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण करना चाहिए। समय पर नहीं आने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की प्रगति

मुख्यमंत्री ने 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस योजना की जिलेवार और उपखण्डवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया।


बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अब तक 23.25 लाख पशुओं का बीमा किया जा चुका है और 11.16 लाख से अधिक पशुपालकों को लाभ मिला है। प्रदेश में 536 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से पशुपालकों को उनके घर के पास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में पशुपालन व गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और मुख्यमंत्री कार्यालय एवं पशुपालन विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।