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मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं। उन्होंने पीड़िता के परिवार को समर्थन देने का आश्वासन दिया और सीबीआई जांच की अनुमति भी दी। इस मामले में वीआईपी संलिप्तता के आरोपों के बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सवाल उठाए हैं कि जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है।
 

मुख्यमंत्री का बयान

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अंकिता भंडारी के हत्या मामले पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ व्यक्तियों ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की है। टिहरी गढ़वाल में थौलधार सांस्कृतिक विकास समिति द्वारा आयोजित पहले खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में बोलते हुए, उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा जो इस मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं।


सरकार का समर्थन

धामी ने कहा कि कुछ लोग इस संवेदनशील मामले का राजनीतिक लाभ उठाने में संकोच नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को उठाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने 19 वर्षीय पीड़िता के परिवार को अपनी सरकार का निरंतर समर्थन देने का आश्वासन दिया और कहा कि उनकी सरकार हमेशा अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी रहेगी। घटना के तुरंत बाद, उन्होंने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।


जांच की प्रगति

मुख्यमंत्री ने बताया कि एसआईटी की गहन जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें कोटद्वार अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसे उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए स्वीकार कर लिया गया है।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

यह मामला एक वीआईपी की कथित संलिप्तता के कारण विवादों में आया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'भ्रष्ट' जनता पार्टी की सरकारों ने लोगों का जीवन बर्बाद कर दिया है और अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है।