मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के वीडियो हटाने पर विवाद, वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस ने मेटा से स्पष्टीकरण मांगा
वीडियो हटाने का विवाद
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक वीडियो सोशल मीडिया से हटाए जाने के बाद विवाद उत्पन्न हो गया है। वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस (डब्ल्यूएचसी) की आयोजन समिति ने इस मामले में मेटा की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कंपनी से स्पष्ट उत्तर मांगा है।
इस वीडियो में मुख्यमंत्री फडणवीस हिंदुओं से दिसंबर में मुंबई में होने वाली वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस में शामिल होने की अपील कर रहे थे। आयोजकों का आरोप है कि वीडियो हटाने के पीछे के कारणों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर संभावित धार्मिक पूर्वाग्रह की आशंका भी जताई है और संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
मेटा की सामग्री नियंत्रण नीति पर उठे सवाल
वीडियो को बार-बार हटाए जाने के बाद वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस ने मेटा की सामग्री नियंत्रण नीति की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। आयोजन समिति का कहना है कि कंपनी ने कानूनी आवश्यकताओं का उल्लेख तो किया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वीडियो को किस विशेष कानूनी प्रावधान या प्लेटफॉर्म की नीति के तहत हटाया गया।
समिति ने आशंका जताई है कि इस कार्रवाई के पीछे हिंदू हितों के प्रति पूर्वाग्रह की भूमिका हो सकती है। हालांकि, यह आयोजकों की ओर से व्यक्त की गई आशंका है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आयोजन का विवरण
वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस 2026 का आयोजन मुंबई में 18 से 20 दिसंबर तक किया जाएगा। इस बार कार्यक्रम का विषय 'समानं व्रतं सह चित्तम्' रखा गया है, जिसका अर्थ साझा प्रतिबद्धता और सामूहिक संकल्प से जुड़ा है। आयोजन में अर्थव्यवस्था, शिक्षा, मीडिया, राजनीति, महिला सशक्तीकरण, युवा और हिंदू संगठनों से संबंधित सात विषयगत सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 4,000 पंजीकृत प्रतिनिधियों के शामिल होने की व्यवस्था होगी।
वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का इतिहास
वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस की शुरुआत विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव स्वामी विज्ञानानंद की पहल के रूप में हुई थी। यह कार्यक्रम वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जाता है। इसके माध्यम से विभिन्न देशों में सक्रिय हिंदू समुदायों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर एकत्रित कर सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता है।
यह सम्मेलन प्रत्येक चार वर्ष में आयोजित किया जाता है। इससे पहले 2023 में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में इसका आयोजन हुआ था, जिसमें 62 देशों के लगभग 2,300 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।