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मुंबई पुलिस ने AI और डीपफेक के दुरुपयोग पर की कार्रवाई

मुंबई पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। एक व्यक्ति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला तब सामने आया जब बीजेपी युवा मोर्चा के नेता ने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो देखा और पुलिस को सूचित किया। आरोपी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर बीजेपी-विरोधी सामग्री की भरमार है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहा था। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
 

मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मुंबई पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के गलत उपयोग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाने और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक AI-निर्मित वीडियो साझा करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी की पहचान नफीस आलम के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, यह विवादास्पद वीडियो 19 मई को 'नफीस आलम' नामक एक इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया था।


बीजेपी युवा मोर्चा की शिकायत पर कार्रवाई

यह मामला तब सामने आया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) युवा मोर्चा के नेता दीपक सिंह आज़ाद सिंह ने सोशल मीडिया पर गतिविधियों की निगरानी की। जब उन्होंने इस आपत्तिजनक वीडियो पर ध्यान दिया, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। इसके बाद, मुंबई के भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने नफीस आलम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।


सोशल मीडिया पर आरोपी की गतिविधियाँ

पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपी के सोशल मीडिया प्रोफाइल से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर नियमित रूप से बीजेपी-विरोधी और प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने वाले कंटेंट पोस्ट किए जाते थे। इस प्रोफाइल के लगभग 95,000 फॉलोअर्स हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इसके द्वारा साझा किए गए भ्रामक पोस्ट और वीडियो तेजी से लाखों लोगों तक पहुंच रहे थे। आरोपी ने पहले भी प्रधानमंत्री और पार्टी की छवि को धूमिल करने के लिए कई भ्रामक पोस्ट साझा किए थे, लेकिन हालिया AI-निर्मित वीडियो की आपत्तिजनकता ने इसे सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया।


AI का दुरुपयोग गंभीर अपराध

मुंबई पुलिस के सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से इस AI वीडियो और आरोपी के खाते पर मौजूद अन्य पोस्ट का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।


पुलिस का स्पष्ट संदेश

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि AI तकनीक का गलत उपयोग करके किसी को बदनाम करना, समाज में गलत जानकारी फैलाना या आपत्तिजनक सामग्री साझा करना गंभीर अपराध है। विशेष रूप से जब मामला देश के प्रधानमंत्री या अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों का हो, तो पुलिस ऐसे मामलों को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त आईटी कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।


केरल में भी हुआ था ऐसा मामला

यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री को निशाना बनाने के लिए डीपफेक का सहारा लिया गया है। पिछले महीने, केरल पुलिस की साइबर विंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक हैंडल के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उस मामले में भी एक AI-निर्मित वीडियो के माध्यम से प्रधानमंत्री और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया था। यह मामला चुनाव आयोग की एक आधिकारिक शिकायत के बाद दर्ज हुआ था। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव और राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ती हैं, असामाजिक तत्वों द्वारा AI और मॉर्फ्ड वीडियो का उपयोग कर जनता को गुमराह करने की कोशिशें तेज हो जाती हैं, जिस पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता है।