मुंबई निकाय चुनाव में ठाकरे भाइयों के गठबंधन का प्रभाव सीमित: फडणवीस
मुख्यमंत्री का बयान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि चचेरे भाइयों उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच हालिया गठबंधन का मुंबई नगर निगम चुनाव पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस गठबंधन से राज ठाकरे को सबसे अधिक नुकसान होगा।
महानगर निगम चुनाव की तैयारी
फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के 29 महानगर निगमों में से 27 में महापौर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का होगा। निकाय चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी को निर्धारित है।
चुनाव प्रचार का समापन
दक्षिण मुंबई में अपने आधिकारिक निवास 'वर्षा' पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव 'परिवर्तन और विकास' की दिशा में होंगे। नगर निकाय चुनावों के लिए प्रचार मंगलवार को समाप्त हो गया।
चुनावी रैलियों में भागीदारी
फडणवीस ने पिछले पखवाड़े में 37 चुनावी रैलियों और रोड शो में भाग लिया। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने बीएमसी चुनावों से पहले लगभग 20 साल की राजनीतिक दूरी को समाप्त करते हुए गठबंधन किया था।
चुनाव के मुद्दे
फडणवीस ने कहा, 'यह चुनाव बदलाव और विकास के लिए है। मुंबई में माहौल तैयार हो चुका है। ठाकरे भाइयों के गठबंधन का चुनाव पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि इस गठबंधन से राज ठाकरे को अधिक नुकसान होगा, जबकि उद्धव ठाकरे को कुछ लाभ मिलेगा।
विपक्ष की स्थिति
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ठाकरे भाइयों ने अपने चुनाव प्रचार में विकास के मुद्दों को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने न तो प्रभावी प्रचार किया और न ही अपनी प्रतिष्ठा को दांव पर लगाया।' जब उनसे पूछा गया कि क्या चुनाव एकतरफा है, तो उन्होंने कहा कि कोई भी चुनाव एकतरफा नहीं होता।
भाजपा की स्थिति
फडणवीस ने कहा, 'पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में, जहां भाजपा और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राकांपा अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं, वहां भाजपा को आसानी से बहुमत मिलेगा। मुंबई में भी हमें अच्छा बहुमत मिलने की उम्मीद है।' उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई के लोग विकास के लिए महायुति पर विश्वास कर रहे हैं।