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मुंबई चुनावों में महायुति का घोषणापत्र: विकास और सुरक्षा के नए वादे

मुंबई महानगरपालिका चुनावों के लिए महायुति ने अपना घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें महिलाओं को ब्याज-मुक्त ऋण, झुग्गी-झोपड़ी मुक्त शहर और अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए AI तकनीक का उपयोग करने जैसे कई महत्वपूर्ण वादे शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठी लोगों की वापसी के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर हमला करते हुए महायुति के विकास और हिंदुत्व के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
 

महायुति का चुनावी घोषणापत्र

मुंबई महानगरपालिका चुनावों के लिए बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और एनसीपी के गठबंधन 'महायुति' ने रविवार को अपना चुनावी घोषणापत्र प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित थे। गठबंधन ने मुंबईवासियों को आकर्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है।


घोषणापत्र की मुख्य बातें

महायुति ने मुंबई के विकास और सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं। उनके घोषणापत्र के अनुसार, महिलाओं को अपने व्यवसाय की शुरुआत के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, शहर को झुग्गी-झोपड़ी मुक्त बनाने और बेहतर आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुंबई में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग किया जाएगा।


मराठी मानुष की वापसी

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि जो मराठी लोग मुंबई छोड़कर चले गए हैं, उन्हें वापस लाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी।


मुख्यमंत्री का विपक्ष पर हमला

घोषणापत्र के विमोचन के दौरान, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि महायुति केवल राजनीति नहीं, बल्कि हिंदुत्व और विकास को प्राथमिकता देती है। उन्होंने 'जन्म प्रमाण पत्र घोटाले' का उल्लेख करते हुए कहा कि अवैध रूप से रह रहे लोगों के लिए 'डिटेंशन सेंटर' बनाने की जमीन उपलब्ध हो गई है और इस पर तेजी से कार्य चल रहा है।


विकास की गति को तेज करने का संकल्प

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पिछले तीन साल में उनकी सरकार ने मुंबई के लिए जो कार्य किए हैं, यह घोषणापत्र उसी विकास को आगे बढ़ाने का एक रोडमैप है। उन्होंने पुरानी 'पगड़ी' वाली इमारतों के पुनर्विकास का आश्वासन दिया और कहा कि जो लोग पहले बीएमसी में थे, उन्होंने शहर के लिए कुछ नहीं किया, लेकिन महायुति मुंबई की तस्वीर को बदलने का वादा करती है।