मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे
असामाजिक तत्वों की बढ़ती गतिविधियाँ
मुंबई के उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर असामाजिक गतिविधियों में वृद्धि हो रही है, जिससे रेल प्रशासन की स्थिति चिंताजनक हो गई है। मीरा रोड स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर चार की लिफ्ट में अय्याशी के सबूत मिले हैं, जिसमें इस्तेमाल किए गए कंडोम पाए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने इस पर नाराजगी जताई है कि रेल प्रशासन को इस गंभीर स्थिति की जानकारी नहीं थी। यह घटना न केवल सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करती है, बल्कि महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएँ बढ़ाती है।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को एक महिला यात्री ने लिफ्ट में पड़े कंडोम को देखा, जिससे हड़कंप मच गया। यात्रियों का कहना है कि मीरा रोड जैसे व्यस्त स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी सामग्री का पाया जाना सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविकता को दर्शाता है।
यात्रियों ने आरोप लगाया है कि स्टेशन परिसर अब नशेड़ियों और अवैध फेरीवालों का अड्डा बनता जा रहा है। करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
एस्केलेटर की स्थिति
प्लेटफॉर्म नंबर चार पर चर्चगेट साइड के एस्केलेटर की स्थिति भी खराब है। वहां गंदगी और बदबू फैली रहती है, जिससे यात्रियों को गुजरने में कठिनाई होती है।
नियमित कार्रवाई का आश्वासन
सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने कहा कि रेल प्रशासन नियमित रूप से गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता है। उन्होंने यात्रियों से स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
महिला यात्रियों की सुरक्षा
यात्रियों ने स्टेशन परिसर में विशेष सुरक्षा अभियान चलाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
स्टेशन मास्टर की अनभिज्ञता
स्टेशन मास्टर अभिमन्यु कुमार ने घटना की जानकारी से इनकार किया और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति पर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की जाती है, लेकिन असामाजिक तत्व फिर से लौट आते हैं।
साझा जिम्मेदारी
‘यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम अपने यात्रियों से रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करने की अपील करते हैं। स्टेशन और ट्रेनों की सफाई बनाए रखना रेलवे तथा यात्रियों, दोनों की साझा जिम्मेदारी है।’
-विनीत अभिषेक, (सीपीआरओ, परे)