मिर्गी के लिए 20 प्रभावी घरेलू उपचार
मिर्गी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन कुछ घरेलू उपाय इसे नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। इस लेख में, हम 20 प्रभावी उपायों की चर्चा करेंगे, जैसे पेठा, तुलसी, और अंगूर का रस, जो मिर्गी के रोगियों के लिए लाभकारी हो सकते हैं। जानें कैसे ये उपाय आपके जीवन को बेहतर बना सकते हैं और मिर्गी के दौरे को कम कर सकते हैं।
Jan 13, 2026, 07:27 IST
मिर्गी के लिए रामबाण उपाय
मिर्गी के उपचार के लिए कुछ प्रभावी घरेलू उपाय निम्नलिखित हैं:
- पेठा मिर्गी के लिए एक उत्कृष्ट घरेलू उपाय है। इसमें मौजूद पोषक तत्व मस्तिष्क के रसायनों को संतुलित करते हैं, जिससे मिर्गी की गंभीरता कम होती है। पेठे का जूस नियमित रूप से पीने से अधिक लाभ मिलता है। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शक्कर और मुलहटी का पाउडर मिलाया जा सकता है।
- 100 मिली दूध में समान मात्रा में पानी मिलाकर उबालें और उसमें 4 कली लहसुन बारीक काटकर डालें। यह मिश्रण रात में सोते समय पीने से लाभ होता है।
- गाय के दूध से बना मक्खन मिर्गी के लिए फायदेमंद है। रोजाना 10 ग्राम इसका सेवन करें।
- कुछ होम्योपैथिक दवाएं जैसे क्युप्रम, आर्टीमेसिया, और हायोसायमस मिर्गी में सहायक सिद्ध हुई हैं।
- तुलसी की पत्तियों के साथ कपूर सुंघाने से मिर्गी के रोगी को होश आ जाता है।
- राई को पीसकर चूर्ण बना लें और जब रोगी को दौरा पड़े, तो इसे सुंघाने से बेहोशी दूर हो जाती है।
- शहतूत का रस और सेब का जूस मिर्गी के रोगियों के लिए लाभकारी होते हैं।
- रोगी के पैरों के तलवों में आक का रस लगाने से लाभ होता है। इसे 2 महीने तक रोजाना करें।
- तुलसी के पत्तों का पेस्ट शरीर पर लगाने से मिर्गी के रोगियों को फायदा होता है।
- तुलसी के रस में सेंधा नमक मिलाकर नाक में डालने से भी लाभ होता है।
- हींग और नींबू का सेवन मिर्गी के रोगियों के लिए फायदेमंद है।
- बादाम, बड़ी इलायची, अमरूद और अनार के पत्तों को मिलाकर उबालें और नमक मिलाकर पिलाने से मिर्गी का इलाज संभव है।
- अंगूर का रस मिर्गी के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसे सुबह खाली पेट लेना चाहिए।
- एप्सम साल्ट के मिश्रित पानी से स्नान करने से दौरे कम होते हैं।
- मिट्टी को पानी में गीला करके पूरे शरीर पर लगाने से भी लाभ होता है।
- विटामिन B6 का सेवन मिर्गी के रोगियों के लिए फायदेमंद है। यह गाजर, मूंगफली, और हरी सब्जियों में पाया जाता है।
- मानसिक तनाव और शारीरिक श्रम से बचना आवश्यक है।
- बकरी के दूध में मेंहदी के पत्तों का रस मिलाकर पीने से दौरे बंद हो सकते हैं।
- रोजाना 20 तुलसी के पत्ते चबाने से मिर्गी की गंभीरता में कमी आती है।