मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव
संघर्ष की बढ़ती तीव्रता
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। हाल ही में, इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर एक बड़ा हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइलों से हमला किया। इस हमले में अमेरिकी वायुसेना के पांच एरियल रिफ्यूलिंग प्लेन को नुकसान पहुंचा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ये प्लेन पूरी तरह से नष्ट नहीं हुए हैं और उनकी मरम्मत का कार्य जारी है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इस हमले में कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, हालांकि हताहतों की संख्या के बारे में विभिन्न स्रोतों से भिन्न जानकारी मिल रही है। यह हमला ईरान द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे हमलों का एक हिस्सा माना जा रहा है।
पश्चिमी ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमलों में 20 से अधिक लोगों की मौत
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, शुक्रवार को पश्चिमी ईरान के करमानशाह प्रांत में अमेरिका और इजरायल के हमलों में कम से कम 20 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए। ये हमले प्रांत के तीन अलग-अलग स्थानों पर हुए, जिनमें आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और एक गर्भवती महिला भी शामिल हैं।
ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने आवासीय इलाकों पर हमले का आरोप लगाया है। ये हमले ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी-इजरायली अभियान का हिस्सा हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में मियामी में एक कार्यक्रम में कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के बाद सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध सामान्य करने का समय आ गया है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है। हमने उन्हें युद्ध से बाहर कर दिया है, और वे पूरी तरह से बाहर हो गए हैं। हमें अब्राहम समझौते में शामिल होना होगा।
उन्होंने वर्षों से इन दोनों देशों पर अब्राहम समझौते के तहत संबंध सामान्य करने का दबाव डाला है। हालांकि, सऊदी अरब फलस्तीनी राज्य के लिए विश्वसनीय मार्ग की मांग पर अड़ा हुआ है।