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मास्कड हाइपरटेंशन: सामान्य बीपी के बावजूद दिल का खतरा

मास्कड हाइपरटेंशन एक ऐसी स्थिति है जिसमें रक्तचाप सामान्य दिखता है, लेकिन वास्तविकता में यह बढ़ा हुआ होता है। यह स्थिति हृदय के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है। जानें इसके कारण, पहचानने के तरीके और इससे बचने के उपाय। यह जानकारी आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
 

बीपी की जांच का महत्व

स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करने के लिए रक्तचाप (बीपी) की जांच एक महत्वपूर्ण तरीका है। यदि बीपी सामान्य है, तो यह माना जाता है कि हृदय से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है। कई लोग डॉक्टर के पास जाकर बीपी की जांच कराते हैं, और यदि परिणाम सामान्य आते हैं, तो वे यह मान लेते हैं कि उन्हें कोई बीपी की समस्या नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी स्थिति भी होती है जिसमें क्लिनिक में बीपी सामान्य दिखता है, जबकि दैनिक जीवन में यह बढ़ा हुआ रहता है?


मास्कड हाइपरटेंशन क्या है?

इस स्थिति को मेडिकल साइंस में मास्कड हाइपरटेंशन कहा जाता है। इसमें व्यक्ति का बीपी अस्पताल या क्लिनिक में 120/80 mmHg के आसपास होता है, लेकिन घर या ऑफिस में यह 140/80 या उससे अधिक हो सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, यह स्थिति हृदय के लिए खतरा उत्पन्न करती है।


मास्कड हाइपरटेंशन का खतरा

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, लगभग 5 से 10 प्रतिशत लोग इस समस्या से ग्रस्त होते हैं। यह मानसिक तनाव या कार्य की चिंता के कारण होता है। जब ये लोग आराम करते हैं और क्लिनिक में बीपी चेक करते हैं, तो परिणाम सामान्य आता है, लेकिन खतरा बना रहता है। मास्कड हाइपरटेंशन खतरनाक है क्योंकि यह धीरे-धीरे हृदय को नुकसान पहुंचाता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि इस स्थिति वाले लोगों में हृदय रोग का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है।


मास्कड हाइपरटेंशन के कारण

दिल्ली के राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि कुछ लोग बिना किसी स्पष्ट कारण के मानसिक तनाव का अनुभव करते हैं। यह अक्सर ऑफिस या घर में किसी कारण से होता है, लेकिन यह अस्थायी होता है। इस दौरान उनका बीपी बढ़ सकता है, लेकिन जब वे डॉक्टर के पास जाते हैं, तो बीपी सामान्य रहता है। इससे उन्हें लगता है कि उन्हें कोई समस्या नहीं है, जबकि वास्तव में हृदय को धीरे-धीरे नुकसान हो रहा होता है।


मास्कड हाइपरटेंशन की पहचान कैसे करें?

डॉक्टरों का सुझाव है कि केवल क्लिनिक में बीपी की जांच करना पर्याप्त नहीं है। घर पर 24 घंटे की एम्बुलेटरी बीपी मॉनिटरिंग करना भी आवश्यक है, खासकर उन लोगों के लिए जो मानसिक तनाव का अनुभव करते हैं। सिर के पिछले हिस्से में दर्द और कभी-कभी छाती में दर्द महसूस होना भी इसके संकेत हो सकते हैं।


बचाव के उपाय

रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।


नमक का सेवन कम करें।


मानसिक तनाव को नियंत्रित करें।


धूम्रपान और शराब से दूर रहें।