मायावती ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल, बैलेट पेपर की वापसी की मांग
मायावती का ईवीएम पर बयान
लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के उपयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराने की मांग की। बीएसपी की उत्तर प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि ईवीएम का उपयोग निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए एक साधन के रूप में किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब बीएसपी ने समाज में एकता और जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया, तब ईवीएम के माध्यम से मतदान को प्रभावित करने का नया तरीका सामने आया। उन्होंने यह दावा किया कि देश के एक बड़े हिस्से को अब ईवीएम प्रणाली पर भरोसा नहीं है और वे पुराने बैलेट पेपर प्रणाली की वापसी की मांग कर रहे हैं।
मायावती ने यह स्पष्ट किया कि ईवीएम का विरोध करने वाली बीएसपी पहली पार्टी थी, लेकिन उस समय सत्तारूढ़ दल और अन्य विपक्षी पार्टियों ने उनका समर्थन नहीं किया। इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी गड़बड़ियों के लिए उनके पुराने इतिहास को लेकर भी निशाना साधा।
उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को देश की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं से जोड़ा, यह कहते हुए कि गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, पलायन और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं का मुख्य कारण स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली का अभाव है। मायावती ने युवा पीढ़ी की सराहना की और कहा कि युवाओं ने इस मुद्दे को एक नई दिशा दी है, हालांकि इस आवाज को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों की तैयारियों के संदर्भ में, उन्होंने कहा कि चुनावी शुचिता ही गरीबों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की रक्षा कर सकती है।