माँ को मिली तीन साल की सजा, हत्या में बेटे की मदद करने का आरोप
साउथेम्प्टन में एक माँ, किरण कौर, को अपने बेटे विक्रम डिगवा की हत्या में मदद करने के लिए तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई है। डिगवा ने 18 वर्षीय छात्र हेनरी नॉवाक को चाकू से मारा था। कौर ने हत्या में प्रयुक्त चाकू को छिपाने का काम किया। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर नॉवाक के परिवार ने निराशा व्यक्त की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
Jul 18, 2026, 05:23 IST
मामले का संक्षिप्त विवरण
विक्रम डिगवा की माँ, किरण कौर, को अपने बेटे द्वारा 18 वर्षीय छात्र हेनरी नॉवाक की हत्या में मदद करने के आरोप में तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई है। 53 वर्षीय कौर, जो साउथेम्प्टन के सेंट डेनिस रोड की निवासी हैं, को साउथेम्प्टन क्राउन कोर्ट में एक ट्रायल के बाद दोषी ठहराया गया। जूरी ने पाया कि उसने हत्या में प्रयुक्त चाकू को घटना स्थल से हटा दिया और अपने परिवार के घर में छिपा दिया। डिगवा को जून में जीवन की सजा सुनाई गई थी, जिसमें न्यूनतम 21 साल की सजा शामिल है, जब उसने नॉवाक को 21 सेंटीमीटर (8 इंच) के चाकू से घातक रूप से वार किया था। यह घटना 3 दिसंबर को हुई थी जब नॉवाक रात के समय घर लौट रहा था।