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महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में राजीविका की भूमिका

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर में आयोजित ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राजीविका की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने बताया कि राजीविका से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। जानें इस कार्यक्रम में और क्या हुआ और कैसे ये योजनाएं महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रही हैं।
 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का उदयपुर में संबोधन


महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में राजीविका का योगदान


– मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


उदयपुर/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इन सभी वर्गों के सुझावों को राज्य के बजट में शामिल किया गया है। ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में विकास को नई दिशा दी जा रही है।


महिला सशक्तीकरण की योजनाएं

मुख्यमंत्री ने शनिवार को उदयपुर के झाड़ोल में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान, शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर और हर घर नल से जल। उन्होंने बताया कि अच्छी शिक्षा के लिए बालिकाओं को साइकिल, स्कूटी और यूनिफॉर्म प्रदान की जा रही है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत महिलाओं को 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान मिल रहा है। बुजुर्ग माताओं को पेंशन और गर्भवती महिलाओं को मा वाउचर योजना का लाभ भी दिया जा रहा है।


राजीविका के माध्यम से प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजीविका के माध्यम से प्रदेश में महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सक्षम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी महत्वपूर्ण पहल की है।


कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत स्थानीय कलाकारों ने वालर नृत्य और बच्चों ने गैर नृत्य कर किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनका उत्साहवर्धन किया।



महिलाओं के अनुभव

मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं के अनुभव साझा किए। गायत्री सुथार ने बताया कि सीआरपी टीम ने उन्हें एसएचजी से जोड़ा और प्रशिक्षण दिया, जिसके बाद उन्होंने काम शुरू किया और आज उनके गांव में 35 समूह हैं।


मीरा देवी ने कहा कि उन्होंने समूह से जुड़कर बकरी पालन किया और एक वर्ष में 1 लाख 20 हजार रुपये की आमदनी की।


रेखा मेघवाल ने बताया कि राजीविका से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उन्हें 10 से 15 हजार रुपये प्रति माह की आय हो रही है।


कार्यक्रम में उपस्थित dignitaries

इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक प्रताप लाल भील, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।