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महिला स्वास्थ्य सुरक्षा: कैंसर रोकथाम के लिए सरकार की नई पहलें

महिला स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं, जिनमें कैंसर की रोकथाम और मासिक धर्म स्वच्छता शामिल हैं। हर साल 16 लाख नए कैंसर के मामलों में से आधे से अधिक महिलाएं प्रभावित होती हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि जागरूकता और समय पर जांच से कैंसर के मामलों में कमी लाई जा सकती है। जानें सरकार की योजनाओं के बारे में और कैसे ये महिलाओं की सेहत को प्राथमिकता दे रही हैं।
 

महिला स्वास्थ्य सुरक्षा पर सरकार का संकल्प


नई दिल्ली, 8 मार्च 2026: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, भारत महिला स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक मजबूत संकल्प प्रदर्शित कर रहा है। अब केवल सशक्तिकरण की बातें नहीं की जा रही हैं, बल्कि महिला स्वास्थ्य, विशेषकर कैंसर की रोकथाम, मासिक धर्म स्वच्छता, और बुनियादी स्वास्थ्य आवश्यकताओं को सशक्तिकरण का केंद्र बनाकर गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं से यह स्पष्ट है कि महिलाओं की सेहत अब राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गई है।


भारत में कैंसर की स्थिति

भारत में हर साल लगभग 16 लाख नए कैंसर के मामले सामने आते हैं, जिनमें से लगभग 50% यानी 8 लाख महिलाएं प्रभावित होती हैं। महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम है, जिसके नए मामलों की संख्या 2025 में 2.4 लाख तक पहुंच गई है, जो 2021 में 2.13 लाख से 13% की वृद्धि दर्शाता है। इसके अलावा, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर (79,000+ मामले), डिम्बग्रंथि (ओवरी) कैंसर (49,500+ मामले), गर्भाशय और फेफड़ों के कैंसर भी प्रमुख हैं। स्तन कैंसर से होने वाली मौतों में भी वृद्धि हुई है, जो 1.03 लाख से अधिक है।


सरकार की प्रमुख पहलें


  • एचपीवी टीकाकरण अभियान: फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री ने 14 वर्ष की 1.15 करोड़ लड़कियों के लिए निशुल्क एचपीवी वैक्सीनेशन की शुरुआत की, जिससे सर्वाइकल कैंसर को रोका जा सकता है।

  • आयुष्मान भारत और स्क्रीनिंग: 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए स्तन, सर्वाइकल और ओरल कैंसर की मुफ्त जांच की जा रही है। 2025 तक लाखों स्क्रीनिंग हो चुकी हैं—स्तन कैंसर जांच 8.37 करोड़+, सर्वाइकल 15.23 करोड़+।

  • मासिक धर्म स्वच्छता: 'सुविधा' योजना के तहत सस्ते या मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे संक्रमण और स्वास्थ्य जोखिम कम हो रहे हैं।

  • राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम: रोकथाम, शीघ्र निदान और उपचार पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच से 70-80% मामलों में बचाव संभव है।


स्वास्थ्य मंत्री का बयान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हाल ही में कहा कि "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" अब सरकार की प्रतिबद्धता है। महिलाओं में कैंसर का खतरा उम्र, जीवनशैली, हार्मोनल बदलाव और देर से जांच के कारण बढ़ता है, लेकिन जागरूकता और स्क्रीनिंग से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।