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महिला सशक्तिकरण के लिए एनडीए का विरोध प्रदर्शन, चौधरी ने उठाए गंभीर सवाल

पटना में एनडीए की महिला कार्यकर्ताओं ने 'जन-आक्रोश महिला पदयात्रा' का आयोजन किया, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष की महिला सशक्तिकरण के प्रति अनिच्छा की आलोचना की। उन्होंने विधेयक की विफलता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ता। चौधरी ने बताया कि बिहार विधानसभा में केवल 29 महिला विधायक हैं। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधेयक के उपयोग पर सवाल उठाए। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 

महिला पदयात्रा का आयोजन

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की महिला कार्यकर्ताओं और नेताओं ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक की असफलता के खिलाफ सोमवार को पटना में 'जन-आक्रोश महिला पदयात्रा' का आयोजन किया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष की महिला सशक्तिकरण के प्रति अनिच्छा की आलोचना करते हुए यह सवाल उठाया कि राजनीतिक अवसर कुछ परिवारों तक ही सीमित क्यों रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से बिहार और देशभर में महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी बढ़ सकता है। चौधरी ने यह भी बताया कि वर्तमान में बिहार विधानसभा में केवल 29 महिला विधायक हैं। 


विधेयक का महत्व

चौधरी ने आगे कहा कि यदि यह विधेयक पारित होता, तो कम से कम 122 महिला विधायक होतीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2006 में एनडीए सरकार द्वारा पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के बाद से महिलाओं की चुनावी भागीदारी उम्मीद से कहीं अधिक रही है। उन्होंने जमीनी स्तर पर आरक्षण नीतियों की प्रभावशीलता को रेखांकित करते हुए कहा कि आज बिहार में 50 प्रतिशत आरक्षण है, लेकिन 59 प्रतिशत से अधिक महिलाएं चुनाव जीत रही हैं। इस कानून के पारित होने से संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी बढ़ता।


विपक्ष की प्रतिक्रिया

चौधरी ने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे केवल चुनिंदा महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि जब उनकी अपनी बेटी सांसद बनती है, तो वे खुश होते हैं, लेकिन जब किसी अन्य परिवार की बेटी यह मुकाम हासिल करती है, तो उन्हें बर्दाश्त नहीं होता। इसके जवाब में, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री की विधेयक पर की गई टिप्पणी की आलोचना की। यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर परिसीमन को आगे बढ़ाने के बहाने के रूप में विधेयक का उपयोग करने का आरोप लगाया।