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महिला पुलिस कमिश्नर ने मलकाजगिरी में की अनोखी छापेमारी

मलकाजगिरी में एक महिला पुलिस कमिश्नर ने रात के समय फुटपाथ पर खड़े होकर 40 लोगों की पहचान की, जो महिलाओं के प्रति असभ्य व्यवहार कर रहे थे। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को चौंकाया, बल्कि पुलिस की सक्रियता को भी उजागर किया। जानें इस अनोखी छापेमारी के पीछे की कहानी और पुलिस कमिश्नर सुमति के निर्देशों के बारे में।
 

पुलिस कमिश्नर का अनोखा रूप


मलकाजगिरी क्षेत्र में एक साधारण सफेद सूट पहने महिला फुटपाथ पर खड़ी थीं। वहां से गुजरने वाले लोग उन्हें देखकर नकारात्मक टिप्पणियां कर रहे थे। यह घटना एक बार नहीं, बल्कि तीन घंटे के भीतर 40 बार हुई। इससे स्पष्ट होता है कि रात के समय इस शहर की सड़कों पर महिलाओं को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।


पुलिस की सक्रियता

हालांकि, यह महिला साधारण दिखने के बावजूद शहर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं। तीन घंटे तक स्थिति का अवलोकन करने के बाद, उन्होंने फोन किया। कुछ ही मिनटों में, पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए वहां पहुंच गईं, जिससे पूरे शहर में हलचल मच गई।


पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया

कुछ समय बाद, इलाके के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी महिला के सामने खड़े थे, हाथ बांधे हुए। सभी की नजरें झुकी हुई थीं, और महिला ने उन्हें अपने अंदाज में संबोधित किया। यह दृश्य देखकर न केवल स्थानीय लोग हैरान हुए, बल्कि उन लोगों को भी झटका लगा जो पहले महिला को देखकर भागे थे। एक पुलिसकर्मी ने साहसिकता दिखाते हुए पूछा, 'ये मैडम कौन हैं?'


पुलिस कमिश्नर का खुलासा

महिला वास्तव में मलकाजगिरी की नई पुलिस कमिश्नर, सुमति थीं। उनके निर्देश पर उन सभी लोगों की पहचान की गई जो पहले भागे थे। सभी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन सुमति ने एक नया आदेश दिया कि किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाएगा, बल्कि उनकी काउंसलिंग की जाएगी।


घटना के बाद की जानकारी

इस घटना के बाद यह जानकारी सामने आई कि पुलिस कमिश्नर सुमति रात 12:30 से 3:30 बजे तक बस स्टॉप पर थीं। इस दौरान लगभग 40 लोगों ने उनसे बात करने की कोशिश की, जिनमें से कई नशे में थे। यह चौंकाने वाला था कि छेड़छाड़ करने की कोशिश करने वालों में अधिकांश युवा, छात्र और नौकरीपेशा लोग थे।