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महिला की जीवनदायिनी कहानी: प्रसव के दौरान कोमा में जाने का अनुभव

साराह मिल्स की कहानी एक अद्भुत अनुभव है, जब उन्होंने अपनी बेटी मायला को जन्म देते समय कोमा में जाने का सामना किया। 5.5 लीटर खून बह जाने के बाद, साराह ने स्वर्ग जाने का अनुभव किया। इस लेख में जानें कि कैसे उन्होंने इस कठिनाई का सामना किया और उनके परिवार की प्रतिक्रिया क्या थी।
 

एक अनोखी कहानी


मां बनना हर महिला का सपना होता है, लेकिन कभी-कभी यह सपना एक खतरनाक मोड़ ले लेता है। यूके की 32 वर्षीय साराह मिल्स ने अपनी बेटी मायला को जन्म देते समय एक ऐसी स्थिति का सामना किया जिसने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। 5.5 लीटर खून बह जाने के बाद साराह कोमा में चली गईं, और इस दौरान उन्हें ऐसा अनुभव हुआ कि जैसे वह स्वर्ग जा रही हैं।


उस दिन की घटनाएँ

24 अक्टूबर 2025 को लंदन के हैरिंगे में रहने वाली साराह को इमरजेंसी सी-सेक्शन के लिए ले जाया गया। उनकी बेटी मायला का हाथ सर्विक्स से बाहर आ चुका था। ऑपरेशन के दौरान बच्ची का जन्म तो हुआ, लेकिन साराह को अचानक गर्मी और कमजोरी महसूस होने लगी। डॉक्टरों ने उन्हें जनरल एनेस्थीसिया दिया। जांच में पता चला कि उनके सर्विक्स पर ब्लड क्लॉट बन गया था। जब क्लॉट को हटाया गया, तो साराह के शरीर से 5.5 लीटर खून बह गया, जिसके बाद वह कोमा में चली गईं।


स्वर्ग का अनुभव

कोमा से बाहर आने के बाद साराह ने जो अनुभव साझा किया, वह सुनकर सभी भावुक हो गए। उन्होंने कहा, "मैंने सोचा था कि मैं मर चुकी हूं और मुझे वापस लाया गया है। ऑपरेशन थिएटर में मैं बार-बार कह रही थी कि कुछ गलत हो रहा है। मुझे तेज सफेद रोशनी दिख रही थी।" यह अनुभव उनके लिए बेहद डरावना था।


परिवार और डॉक्टरों की प्रतिक्रिया

साराह एक स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर हैं और उनके पति और परिवार अस्पताल में उनके साथ थे। उनकी बेटी मायला अब 7 महीने की हो चुकी है और पूरी तरह स्वस्थ है। साराह का कहना है कि बेटी को देखकर उन्हें लगता है कि यह सब कष्ट उनकी बेटी के लिए सहन किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि इतनी मात्रा में खून बहना जानलेवा हो सकता था, लेकिन समय पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन और मेडिकल टीम की तत्परता ने उनकी जान बचाई। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक नीयर डेथ एक्सपीरियंस था।