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महिला और उसके बच्चों की आत्महत्या: पारिवारिक प्रताड़ना का मामला

एक महिला ने अपने ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर अपने दो बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली। यह घटना भदया गांव में हुई, जहां महिला ने आटा मांगने पर पीटाई का सामना किया। जानें इस दुखद घटना के पीछे की कहानी और पुलिस की भूमिका पर उठते सवाल।
 

दुखद घटना का विवरण


एक महिला, जो दो दिन से भूखी थी, ने अपने पड़ोसी से एक किलो आटा मांगा। इसके बाद, उसके ससुराल वालों ने उसे चरित्रहीन कहकर पीट दिया। ग्रामीणों के अनुसार, इस पिटाई के कारण महिला ने आत्मघाती कदम उठाया। उसकी मां और दोनों बच्चों के शव देखकर सभी की रूह कांप गई।


शादी और पारिवारिक स्थिति

भदया (हाथी) गांव की निवासी मीनू (30) की शादी सात साल पहले हरसोस गांव के विकास पटेल से हुई थी। मीनू के दो बेटे, विपुल (04) और विप्लव (06) हैं। विकास सूरत में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। मीनू के भाई कमलेश ने बताया कि विकास अक्सर मीनू को परेशान करता था और उसके बच्चों के भरण-पोषण में भी मदद नहीं करता था।


ससुराल वालों की प्रताड़ना

मंगलवार की सुबह, मीनू को उसके सास-ससुर और जेठानी ने पीटकर घर से बाहर निकाल दिया। इससे परेशान होकर मीनू ने जंसा थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने उसे आश्वासन देकर घर भेज दिया। घर लौटने पर, ससुराल वालों ने उसके कमरे का ताला बंद कर दिया। जब मीनू ने अपने पति से मदद मांगी, तो उसने भी इनकार कर दिया।


आत्महत्या का दुखद निर्णय

जब मीनू के मायके के लोग पहुंचे, तो ससुराल वालों ने उन्हें गालियाँ दीं और भगा दिया। निराश होकर, मीनू ने अपने दोनों बच्चों के साथ ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। इस मामले में कमलेश की शिकायत पर सास सुदामा देवी, ससुर लोदी पटेल, जेठानी रेशमा और पति विकास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।


पुलिस की भूमिका पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस मौके पर पहुंच जाती या सास-ससुर को थाने बुलाकर समझा देती, तो शायद मीनू और उसके बच्चों की जान बच जाती।