महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन पर संसद में गरमागरम बहस
संसद में 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले सत्र में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक पर गरमागरम बहस हो रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने जातिगत जनगणना के निर्णय की पुष्टि की और धार्मिक आधार पर आरक्षण की मांग को असंवैधानिक बताया। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने विधेयकों को संविधान विरोधी करार दिया। इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा में शपथ ली। जानें इस महत्वपूर्ण सत्र के बारे में और क्या हो रहा है।
Apr 16, 2026, 12:17 IST
संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा
16 से 18 अप्रैल तक चलने वाला तीन दिवसीय सत्र जारी है। इस दौरान सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक और परिसीमन विधेयक को लोकसभा में पेश किया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस पर बहस की शुरुआत की। एनडीए के पास 292 सीटें हैं, जबकि विपक्ष के पास 233 सीटें हैं। ऐसे में, दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता ने संख्या बल को सत्र का केंद्र बना दिया है।
गृह मंत्री का बयान
गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सवालों का उत्तर देते हुए कहा कि जनगणना का कार्य आरंभ हो चुका है और इसमें जातिगत गणना भी शामिल होगी। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का निर्णय लिया है। विपक्ष की टिप्पणियों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक आधार पर आरक्षण की मांग असंवैधानिक है और बहस के दौरान सरकार के रुख का बचाव करते हुए दोहराया कि संविधान धर्म के आधार पर कोटा की अनुमति नहीं देता है।
विधेयकों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केसी वेणुगोपाल विधेयकों के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं कर सकते और केवल तकनीकी आपत्तियां ही उठा सकते हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ पेश करने का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग गठित करने वाला विधेयक ‘संविधान विरोधी’ हैं।
राज्यसभा में नए सदस्यों की शपथ
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को अन्य नवनिर्वाचित सदस्यों के साथ राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली। उच्च सदन की बैठक शुरू होने के बाद सभापति सी पी राधाकृष्णन ने नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई। नितिन नवीन ने हिंदी में शपथ ली, और सदन में मौजूद सदस्यों ने मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया। नवीन उच्च सदन में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। सभापति ने उन्हें और शपथ लेने वाले अन्य सदस्यों को बधाई दी।