महिला आरक्षण अधिनियम पर चर्चा: भाजपा और कांग्रेस की रणनीतियाँ
संसद में महिला आरक्षण अधिनियम और परिसीमन विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा और कांग्रेस के सांसदों ने महत्वपूर्ण बैठकें कीं। भाजपा ने गृह मंत्री अमित शाह के निवास पर बैठक की, जबकि कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार करने के लिए इंडिया ब्लॉक के सांसदों की बैठक आयोजित की। इस लेख में जानें कि कैसे ये विधेयक महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
Apr 17, 2026, 14:18 IST
महिला आरक्षण अधिनियम और परिसीमन विधेयक पर चर्चा
संसद में महिला आरक्षण अधिनियम और परिसीमन विधेयक में संशोधनों पर चर्चा की शुरुआत होते ही, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह के निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में भाजपा के नेताओं ने महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों पर विचार-विमर्श किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, महासचिव विनोद तावड़े, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, सांसद अरुण सिंह और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सूचना एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी इस बैठक का हिस्सा बने।
कांग्रेस की बैठक और रणनीति
शुक्रवार की सुबह 10 बजे, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने सदन में अपनी रणनीति तैयार करने के लिए एक बैठक की। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता काकोली घोष, मणिक्कम टैगोर, केसी वेणुगोपाल और पी चिदंबरम ने सुनिश्चित किया कि इंडिया ब्लॉक के सभी सांसद बैठक में उपस्थित रहें। कार्यसूची के अनुसार, लोकसभा में संवैधानिक संशोधन और परिसीमन विधेयक, 2026 पर मतदान होना है। कांग्रेस ने अपने सांसदों को 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले विशेष सत्र में उपस्थित रहने और पार्टी के रुख का समर्थन करने के लिए तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया है।
लोकसभा में संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी है, जो संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है। इसके साथ ही, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर भी चर्चा हो रही है, जो इसे दिल्ली और जम्मू-कश्मीर तक विस्तारित करता है। परिसीमन विधेयक पर भी चर्चा हो रही है, जो लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखता है।
महिलाओं के लिए आरक्षण की योजना
सरकार 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की योजना बना रही है। इसके लिए, वह 2023 के अधिनियम में संशोधन और परिसीमन प्रक्रिया को 2027 की जनगणना से अलग करने हेतु संवैधानिक संशोधन लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने परिसीमन कराने और 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त की है। विपक्ष का आरोप है कि इस विधेयक से सदन में दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।