×

महाराष्ट्र में बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश का खुलासा

महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या की साजिश रची। यह मामला तीन साल तक छिपा रहा, लेकिन प्रेमी के खुलासे के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पिता की हत्या के बाद दोनों ने शादी कर ली, लेकिन विवादों के चलते मामला फिर से सुर्खियों में आया। जानें इस खौफनाक घटना के सभी पहलुओं के बारे में।
 

चंद्रपुर में खौफनाक हत्या का मामला


चंद्रपुर, महाराष्ट्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पिता की जहर देकर हत्या कर दी। यह भयावह साजिश लगभग तीन वर्षों तक छिपी रही, लेकिन प्रेमी के खुलासे के बाद पुलिस ने मामले की पुष्टि की। पुलिस के बयान के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है.

पुलिस के अनुसार, भद्रावती के निवासी 30 वर्षीय पुलिसकर्मी आशिष महेश शेडमाके ने 23 मार्च को रामनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने अपनी प्रेमिका और महिला पुलिसकर्मी आर्या जयंत बल्लावार पर अपने पिता, हेड कॉन्स्टेबल जयंत बल्लावार की जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया।

जांच में यह सामने आया कि आशिष और आर्या के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। जब आर्या के पिता को इस रिश्ते की जानकारी मिली, तो उन्होंने इसका विरोध किया, जिससे दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। इसी तनाव ने एक खौफनाक साजिश को जन्म दिया।

जहर की व्यवस्था और हत्या की योजना

पुलिस के अनुसार, हत्या की योजना बनाते समय आशिष ने जहर की व्यवस्था के लिए अपने रिश्तेदार के नाबालिग बेटे की मदद ली। इसके बाद 22 वर्षीय चैतन्य उर्फ मोंटी सचिन गेडाम से संपर्क किया गया। 24 अप्रैल 2023 को चैतन्य ने कांच की बोतल में जहर उपलब्ध कराया, जिसके लिए उसे 5000 रुपये दिए गए।

अगले दिन, 25 अप्रैल 2023 को आर्या ने अपने पिता को मिल्कशेक में जहर मिलाकर पिलाया। जहर पीने के बाद जयंत बल्लावार ड्यूटी पर गए, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उस समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई संदिग्ध बात नहीं पाई गई, जिससे मामला दब गया और पुलिस ने इसे आकस्मिक मृत्यु मान लिया।

हत्या के बाद शादी और रिश्तों में दरार

पिता की मौत के बाद दोनों ने शादी कर ली। जांच में पता चला कि 2022 से दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और 2023 में हत्या की गई। पहले एक-दो साल तक दोनों साथ रहे, लेकिन बाद में उनके बीच विवाद बढ़ने लगे। बताया गया कि आर्या पुलिस में होने के कारण आशिष को सम्मान नहीं देती थी और आशिष को पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद आर्या मायके चली गई। इसी विवाद के चलते आशिष ने पूरे मामले का खुलासा पुलिस के सामने कर दिया।

पुलिस ने यह भी बताया कि आशिष 2024 में पुलिस विभाग में शामिल हुआ था, लेकिन अनुशासनहीनता के कारण उसे बर्खास्त कर दिया गया। वहीं आर्या 2025 में चंद्रपुर पुलिस में भर्ती हुई और ट्रेनिंग पूरी कर कांस्टेबल बनी। दोनों अपने-अपने पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर नौकरी में आए थे.

केस दर्ज, सभी आरोपी गिरफ्तार

रामनगर पुलिस ने इस मामले में आशिष महेश शेडमाके, आर्या जयंत बल्लावार, चैतन्य उर्फ मोंटी सचिन गेडाम और एक नाबालिग के खिलाफ आईपीसी की धारा 120(B), 302, 201 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. न्यायालय ने चारों आरोपियों को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की भी काफी किरकिरी हो रही है। यह मामला चंद्रपुर जिले में पारिवारिक रिश्तों, प्रेम संबंध और अपराध की भयावह कहानी बनकर सामने आया है.