महाराष्ट्र में अम्बेनाली घाट पर भयानक सड़क दुर्घटना, 8 लोगों की मौत
दुर्घटना का विवरण
महाराष्ट्र के रायगढ़ और सतारा जिलों की सीमा पर स्थित अम्बेनाली घाट में एक गंभीर सड़क हादसा हुआ है। महाबलेश्वर और पोलादपुर के बीच एक स्कॉर्पियो एसयूवी अनियंत्रित होकर लगभग 500 से 700 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस दिल दहला देने वाली घटना में गाड़ी में सवार सभी 8 व्यक्तियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना तब हुई जब ये सभी लोग दापोली (कोंकण) से वापस सतारा लौट रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, महाबलेश्वर के ट्रैकर्स और रेस्क्यू टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौतियाँ
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खाई की गहराई और रात के अंधेरे के कारण बचाव कार्य में कई कठिनाइयाँ आईं। रात में कठिनाई के बावजूद, दो शवों को बाहर निकालने में सफलता मिली। सुबह होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई गई और बाकी शवों को निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले के आसगांव गांव की बताई जा रही है।
मृतकों की पहचान
मृतकों में शामिल हैं:
1. अंश समीर चव्हाण, उम्र 19, निवासी बोरगांव, तहसील चिपलून, जिला रत्नागिरी।
2. रितेश राजेंद्र लोखंडे, उम्र 22, निवासी आसगांव, तहसील सतारा, जिला सतारा।
3. सुहास जितेंद्र लोखंडे, उम्र 20, निवासी आसगांव, तहसील सतारा, जिला सतारा।
4. उत्कर्ष आनंद शिंगटे, उम्र 21, निवासी मार्दे, तहसील सतारा, जिला सतारा।
5. निखिल अभिमन्यु शिंगटे, उम्र 25, निवासी मार्दे, तहसील सतारा, जिला सतारा।
6. महेश अनिल पवार, उम्र 25, निवासी आसगांव, तहसील सतारा, जिला सतारा।
7. आदित्य अशोक सालुंखे, उम्र 21, निवासी आसगांव, तहसील सतारा, जिला सतारा।
8. राजेश अशोक काटकर, उम्र 35, निवासी खटाव, तहसील खटाव, जिला सतारा।
अम्बेनाली घाट की खतरनाक स्थिति
यह ध्यान देने योग्य है कि अम्बेनाली घाट में अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं; यह स्थान रायगढ़ और सतारा जिलों की सीमा पर स्थित है और इसे अत्यधिक खतरनाक माना जाता है। ऐसी अटकलें हैं कि ये सभी लोग कोंकण या महाबलेश्वर घूमने आए थे। स्थानीय प्रशासन, ट्रैकर्स और बचाव दल घटनास्थल पर पहुँच गए हैं, लेकिन गहरी खाई और दुर्गम इलाका बचाव अभियान में कई मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। रात के अंधेरे में शवों की तलाश करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालाँकि, अब दिन निकलने के साथ ही बचाव अभियान में तेज़ी आने की संभावना है।