महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026: बीजेपी की ऐतिहासिक जीत और BMC में महायुति का बहुमत
महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में बीजेपी की सफलता
महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनाव परिणामों ने राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है। बीजेपी ने राज्य स्तर पर सबसे बड़ी पार्टी बनकर अपनी स्थिति मजबूत की है। कुल 2,869 वार्डों में से बीजेपी ने लगभग 1,400 से 1,425 सीटें जीतीं, जबकि महायुति गठबंधन (बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना) ने 25 से अधिक नगर निगमों में बहुमत प्राप्त किया।
BMC में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की जीत
देश की सबसे अमीर और प्रतिष्ठित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने 227 में से 118 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। यह शिवसेना के तीन दशकों से अधिक के प्रभुत्व का अंत है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), राज ठाकरे की MNS और शरद पवार की NCP (SP) के गठबंधन को कुल 71-72 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने 23-24 सीटें जीतीं, जबकि AIMIM ने 8 सीटें हासिल कीं।
BMC में पार्टीवार सीटों का विवरण
BMC में पार्टीवार सीटें (अंतिम परिणाम):
- बीजेपी: 89 सीटें
- शिवसेना (शिंदे): 29 सीटें
- महायुति गठबंधन कुल: 118 सीटें (बहुमत 114)
- शिवसेना (UBT): 65 सीटें
- कांग्रेस: 24 सीटें
- MNS: 6 सीटें
- AIMIM: 8 सीटें
- अन्य: शेष
राज्यव्यापी चुनावी रुझान
यह चुनाव परिणाम महाराष्ट्र की राजनीति में एक 'मिनी विधानसभा' के रूप में उभरे हैं, जहां महायुति ने अपनी जमीनी ताकत का प्रदर्शन किया। नागपुर में बीजेपी ने अकेले 100 से अधिक सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया, जबकि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में भी बीजेपी ने मजबूत प्रदर्शन किया।
राज्यव्यापी ट्रेंड
राज्यव्यापी ट्रेंड (29 महानगरपालिकाओं में प्रमुख पार्टियां):
- भाजपा: ~1,400-1,441 सीटें
- शिवसेना (शिंदे): ~397-405 सीटें
- शिवसेना (UBT): ~153-154 सीटें
- कांग्रेस: ~318-324 सीटें
- NCP (अजित पवार): ~160-164 सीटें
- NCP (शरद पवार): ~36 सीटें
- AIMIM: ~126 सीटें (खासकर छत्रपति संभाजीनगर और विदर्भ में मजबूत)
- अन्य: शेष
राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस जीत को विकास और अच्छे शासन की जीत बताया। फडणवीस ने कहा कि जनता ने ईमानदारी और विकास को चुना। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट ने हार को स्वीकार किया, लेकिन कुछ नेताओं ने गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठाए।