महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में तकनीकी विवाद: ठाकरे परिवार की आपत्ति
महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में नया विवाद
महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के संदर्भ में एक नया विवाद उत्पन्न हुआ है। चुनाव आयोग ने 16 जनवरी को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी खराबी की स्थिति में मतगणना के लिए प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट (पीएडीयू) के उपयोग की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि मानक प्रक्रिया के अनुसार, ईवीएम में डाले गए वोटों की गिनती कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट के माध्यम से की जाती है। यदि दोनों यूनिटों के बीच तकनीकी समस्या बनी रहती है, तो मतगणना प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पीएडीयू का सहारा लिया जाएगा। यह पहली बार है जब नगर निगम चुनावों में पीएडीयू का बैकअप के रूप में उपयोग किया जा रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति में वोटों की गिनती को बिना किसी देरी के पूरा करना है।
ठाकरे परिवार की आपत्ति
ठाकरे परिवार ने चुनाव आयोग के नए नियमों पर आपत्ति जताई
इस बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने चुनाव आयोग के इस निर्णय का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के बीच में नियमों में बदलाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार की अवधि समाप्त होने के बाद प्रचार पूरी तरह से बंद हो जाता था, लेकिन अब एक नई प्रथा शुरू की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ऐसा क्यों नहीं किया गया। चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदाताओं से मिलना संभव है, लेकिन पर्चे बांटने की अनुमति नहीं है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पैसे बांटने की अनुमति है। उन्होंने यह भी पूछा कि नई मशीनों को राजनीतिक दलों को क्यों नहीं दिखाया गया और जनता को इसके बारे में क्यों नहीं समझाया गया।
उद्धव ठाकरे की चिंता
उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर चिंता जताई
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग सरकार के पक्ष में काम कर रहा है और पूछा कि इस मशीनरी में कोई गड़बड़ी नहीं होने की क्या गारंटी है। ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवारों पर नजर रखने की अपील की, क्योंकि उनका मानना है कि वे मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे बांटने की कोशिश कर सकते हैं।