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महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में एनडीए की शानदार जीत पर मोदी का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में एनडीए की जीत का स्वागत किया, इसे राज्य की जनता और गठबंधन के बीच मजबूत संबंध का प्रतीक बताया। गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस सफलता को पीएम मोदी के नेतृत्व की उपलब्धि माना। भाजपा ने 29 नगर निगम चुनावों में से 24 में जीत हासिल की, जिससे नागपुर और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। जानें इस चुनावी परिणाम के पीछे की कहानी और नेताओं की प्रतिक्रियाएँ।
 

प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में एनडीए की सफलता का स्वागत करते हुए कहा कि यह गठबंधन और राज्य की जनता के बीच एक मजबूत संबंध को दर्शाता है। उन्होंने एक पोस्ट में उल्लेख किया कि यह वोट प्रगति को तेज करने और राज्य की समृद्ध संस्कृति का जश्न मनाने के लिए दिया गया है। मोदी ने कहा कि उन्हें एनडीए के हर कार्यकर्ता पर गर्व है, जिन्होंने राज्यभर में जनता के बीच मेहनत की। उन्होंने गठबंधन के कार्यों को उजागर किया और विपक्ष के झूठ का प्रभावी ढंग से खंडन किया।


गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन की शानदार जीत यह दर्शाती है कि देश की जनता का विश्वास केवल पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए की विकास नीति पर है। यह ऐतिहासिक सफलता महायुति सरकार द्वारा प्रदेश में किए गए विकास कार्यों पर जनता की मुहर है। उन्होंने महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बधाई दी।


भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का बयान

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर जनता की मुहर है। महाराष्ट्र के शहरी राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है, जहां भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने प्रमुख नगर निगमों में शानदार जीत हासिल की।


महायुति का प्रदर्शन

भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति ने 29 नगर निगम चुनावों में से 24 में बड़ी बढ़त हासिल की है। भाजपा ने राज्य के द्वितीयक शहरी केंद्रों में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। नागपुर में पार्टी ने अपना पारंपरिक गढ़ बनाए रखा और 80 से अधिक वार्डों में बढ़त हासिल की, जिससे कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया। पिंपरी-चिंचवाड़ और पुणे में भी भाजपा के रुझान सकारात्मक रहे, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महायुति से अलग होकर चुनाव लड़ी।