महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने चुनावी राजनीति पर उठाए सवाल
मलिक की आलोचना और चुनावी रणनीति
महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और तमिलनाडु के भाजपा नेता के. अन्नामलाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव से पहले विभाजनकारी राजनीति में संलग्न हैं। मलिक ने कहा कि मुंबई की असली पहचान उसके महानगरीय स्वरूप और विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोगों के सामूहिक योगदान में है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए, मलिक ने अपनी पार्टी के प्रदर्शन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, "आज चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है, और मुझे विश्वास है कि हमारे उम्मीदवार मुंबई में कई सीटों पर जीत हासिल करेंगे।"
ध्रुवीकरण की राजनीति पर मलिक की टिप्पणी
मलिक ने राजनीतिक दलों पर संवेदनशील मुद्दों को भड़काने का आरोप लगाया, जिससे मतदाता ध्रुवीकृत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को चुनाव में भड़काया जा रहा है, और भगवान राम तथा बुर्का जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टियां बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम पर वोट मांग रही हैं। एनसीपी नेता ने मराठी पहचान के नाम पर लोगों को भाषाई और क्षेत्रीय आधार पर बांटने के प्रयासों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक पार्टी लोगों को गुमराह कर रही है, जबकि उत्तर भारतीयों और दक्षिण भारतीयों के खिलाफ भड़काना गलत है।
मुंबई की समावेशी भावना का महत्व
एनसीपी नेता ने मुंबई की समावेशी भावना पर जोर देते हुए कहा कि यह शहर पूरे देश के लोगों के सामूहिक प्रयासों से बना है। उन्होंने कहा, "हम इस बात पर जोर देते हैं कि मुंबई में रहने वाले सभी जातियों, धर्मों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोगों ने इस शहर के निर्माण में अपना खून-पसीना बहाया है। मुंबई में रहने वाले हर व्यक्ति ने इसे आज के स्वरूप में लाने में योगदान दिया है। यह महानगरीय शहर सभी के योगदान के कारण ही है।"