महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: उद्धव ठाकरे की बैठक में सांसदों की उपस्थिति पर सवाल
राजनीति में नई हलचल
महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर से सक्रियता देखी जा रही है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 'ऑपरेशन टाइगर' के खतरे का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते पार्टी में संभावित टूट की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अपने सांसदों को एकजुट रखने और पाला बदलने से रोकने के लिए, उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने निवास 'मातोश्री' में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया।
बैठक में सांसदों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान स्थिति उस समय और भी दिलचस्प हो गई जब मातोश्री में केवल 4 सांसद ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे। हालांकि, शिवसेना के नेताओं ने इस पर स्पष्टीकरण दिया। पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि सभी 9 सांसद बैठक में शामिल थे, जिनमें से 4 ने मातोश्री में शारीरिक रूप से भाग लिया, जबकि अन्य 5 सांसदों ने कुछ व्यक्तिगत कारणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
संजय राउत का बयान
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में सांसदों के शामिल होने की खबरों को संजय राउत ने सख्ती से खारिज किया। उन्होंने मीडिया से कहा, "आप किस 'ऑपरेशन टाइगर' की बात कर रहे हैं? हम सभी खुद टाइगर हैं। हम किसी से डरने वाले नहीं हैं। अब हम 'ऑपरेशन वुल्फ' शुरू करने जा रहे हैं। हमारे सभी 9 सांसद और संसदीय दल पूरी तरह से एकजुट और मजबूत हैं।"
सांसदों की अनुपस्थिति का कारण
बैठक के बाद, पार्टी नेता अरविंद सावंत ने बताया कि कुछ सांसद व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से मुंबई नहीं आ सके। उन्होंने कहा, "एक सदस्य का बच्चा अस्पताल में है, दूसरे की पत्नी की तबीयत ठीक नहीं है, और एक अन्य सदस्य की बेटी की शादी है। इन परिस्थितियों को समझना चाहिए।" अनिल देसाई ने भी कहा कि सांसदों और विधायकों की ऐसी बैठकें सामान्य प्रक्रिया हैं और मीडिया में चल रही टूट की अफवाहें पूरी तरह से निराधार हैं।