महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल: संजय राउत के गंभीर आरोप
शिवसेना (UBT) में मची हलचल
महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर से हलचल मच गई है, जब शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने एक गंभीर आरोप लगाया। राउत ने कहा है कि उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों को एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल होने के लिए 15 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है। यह आरोप उस समय आया है जब यह चर्चा तेज हो गई है कि उद्धव ठाकरे के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 से 7 सांसद बागी रुख अपनाने की तैयारी में हैं।
राउत का सनसनीखेज दावा
मंगलवार रात को X पर एक पोस्ट में राउत ने लिखा, "महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए 15 करोड़ रुपये एडवांस दिए जाएंगे। यह बेहद चौंकाने वाला और घिनौना है!" यह आरोप शिवसेना (UBT) के भीतर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है, जब कई सांसद नई दिल्ली में मौजूद हैं।
पार्टी की रणनीति
शिवसेना (UBT) ने अपने सांसदों को नई दिल्ली में एक बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है, ताकि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा सके। जो सांसद बैठक में शामिल नहीं होंगे, उन्हें अयोग्यता का सामना करना पड़ सकता है। यह वही रणनीति है जो पार्टी ने 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत के दौरान अपनाई थी।
सांसदों के पाला बदलने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (UBT) के 6 से 7 सांसद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं। यह स्थिति आदित्य ठाकरे की भूमिका के संभावित विस्तार से जुड़ी हुई है।
सरनाइक का बयान
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने नाराज विधायकों के लिए दरवाजे खुले रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर सांसद और विधायक अपने नेतृत्व पर भरोसा नहीं करते हैं, तो शिवसेना के दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले रहेंगे।
बैठक में उपस्थिति पर सवाल
पार्टी के 9 सांसदों में से केवल 4 ने रविवार की बैठक में व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जिससे बगावत की आशंका बढ़ गई। राउत ने कहा कि सांसदों की अनुपस्थिति को बगावत का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
राउत का एकजुटता का दावा
राउत ने पार्टी में फूट की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि सभी सांसद एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि शिवसेना (UBT) के सभी सांसद एक साथ हैं और रहेंगे।
देसाई का समर्थन
लोकसभा सांसद अनिल देसाई ने भी राउत के दावों का समर्थन किया और कहा कि पार्टी में कोई बगावत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में उद्धव ठाकरे ने कई बैठकें की हैं और सभी सांसदों ने भाग लिया है।
राजनीतिक स्थिरता पर सवाल
हालांकि पार्टी नेतृत्व एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन राउत के आरोप और सांसदों की नई दिल्ली में मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) की स्थिरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।