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महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर भाजपा का 33% महिला आरक्षण का समर्थन

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोकसभा में महिला विधायकों के लिए 33% आरक्षण का समर्थन किया। उन्होंने फुले के योगदान को याद करते हुए बताया कि कैसे उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। केंद्र सरकार लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने की योजना बना रही है। जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर और क्या कहा गया।
 

महात्मा ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 31 जनवरी, 2026 को महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लोकसभा में महिला विधायकों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को फुले के आदर्शों के अनुरूप बताया। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, दुष्यंत कुमार गौतम और तरुण चुघ भी नई दिल्ली में उपस्थित थे।


महात्मा ज्योतिबा फुले का योगदान

महात्मा ज्योतिराव फुले, जो 11 अप्रैल, 1827 को सतारा में जन्मे, एक प्रमुख भारतीय समाजसेवी, सुधारक और लेखक थे। उन्हें जाति व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई, महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और शोषित वर्ग के सशक्तिकरण के लिए जाना जाता है। उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य किसानों और निम्न जातियों को समान अधिकार दिलाना था।


नितिन नबीन का बयान

मीडिया से बातचीत में नितिन नबीन ने कहा कि समाज सुधार में फुले का योगदान आज भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बालिका विद्यालयों की स्थापना से लेकर सती प्रथा के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नबीन ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठा रहे हैं, जिसमें 33 प्रतिशत आरक्षण भी शामिल है।


महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रस्ताव

केंद्र सरकार लोकसभा सीटों की संख्या को 543 से बढ़ाकर 816 करने की योजना बना रही है, जिसमें से कम से कम 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव है। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं, और प्रस्तावित वृद्धि के साथ यह संख्या 816 हो जाएगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में संशोधन विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है, जिससे 2029 के लोकसभा चुनावों में इसे लागू करना संभव होगा। यह संशोधन संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है।