महबूबा मुफ्ती के तिरंगे विवाद ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हलचल मचाई
महबूबा मुफ्ती का तिरंगा विवाद
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगे को उल्टा पकड़े जाने से विवाद खड़ा कर दिया। इस पर भाजपा ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर को उल्टा करके साझा किया, ताकि तिरंगा सही स्थिति में दिखे। भाजपा ने इसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से संबंधित मुद्दा बताते हुए कहा कि तिरंगा किसी राजनीतिक दल का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह पूरे देश का सम्मान और स्वाभिमान दर्शाता है। इस घटना ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया विवाद उत्पन्न कर दिया है, जिससे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.
विरोध प्रदर्शन का संदर्भ
यह विवाद चार अगस्त को श्रीनगर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ, जो अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए के हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने के विरोध में था। प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ्ती की कुछ तस्वीरें और वीडियो में उन्हें राष्ट्रीय ध्वज को इस तरह पकड़े हुए दिखाया गया, जिसमें केसरिया पट्टी नीचे थी। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई, जिसके बाद भाजपा और अन्य लोगों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के खिलाफ बताया।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा ने महबूबा मुफ्ती की तस्वीर को उल्टा करके साझा किया, जिससे तिरंगा सीधा दिखाई देने लगा। भाजपा ने कहा कि तिरंगा हर भारतीय का गौरव है और उसका सम्मान सर्वोपरि है। इस प्रतिक्रिया ने विवाद को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया।
शिकायत और कानूनी कार्रवाई
विवाद के बढ़ने के बाद, जम्मू में एक वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नीरज शर्मा ने महबूबा मुफ्ती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा पकड़ना गंभीर मामला है और इससे देशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत की पुष्टि की है और मामले की जांच जारी है.
महबूबा मुफ्ती और इल्तिजा मुफ्ती पर आरोप
महबूबा मुफ्ती और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती एक अन्य मामले में भी कानूनी कार्रवाई का सामना कर रही हैं। चार अगस्त के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ कथित मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि झड़प के दौरान इल्तिजा मुफ्ती ने एक पुलिस अधिकारी को काटा, जिससे वह घायल हो गया।
पीडीपी की प्रतिक्रिया
पीडीपी ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया है। पार्टी का कहना है कि पुलिस घायल इल्तिजा मुफ्ती से पूछताछ कर रही है, जो अनुचित है। पीडीपी का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है।
राजनीतिक बहस का नया दौर
इन घटनाओं ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में महबूबा मुफ्ती और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती की भूमिका पर नई बहस छेड़ दी है। भाजपा का आरोप है कि पीडीपी का नेतृत्व राजनीतिक विरोध के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं और राष्ट्रीय प्रतीकों को विवादों में घसीट रहा है। हालांकि, इन आरोपों का अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।