महबूबा मुफ्ती का ईरान के समर्थन में बयान, ट्रंप ने किया पलटवार
महबूबा मुफ्ती ने ईरान के समर्थन में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने ईरान की जीत की भविष्यवाणी की। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने दावों को दोहराते हुए इसे एक 'खराब दिन' बताया। ट्रंप ने ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया और खर्ग द्वीप पर कब्जे के संकेत दिए। ईरान ने इन दावों का कड़ा जवाब देते हुए किसी भी दबाव को सहन न करने की बात कही। इस राजनीतिक संघर्ष में दोनों पक्षों के बयानों ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है।
Mar 30, 2026, 18:46 IST
महबूबा मुफ्ती का ईरान के प्रति समर्थन
पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता महबूबा मुफ्ती ने ईरान के समर्थन में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि इस संघर्ष में ईरान की जीत निश्चित है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सैनिक अपनी भूमि के लिए मजबूती से खड़े हैं, जबकि उनके विरोधी पीछे हट रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान के लिए एक 'खराब दिन' करार दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों को नष्ट कर दिया है, जिनकी तलाश उन्हें काफी समय से थी। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर साझा करते हुए कहा कि ईरान की वायुसेना और नौसेना को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया गया है और उनकी अधिकांश मिसाइलें समाप्त हो चुकी हैं।
खर्ग द्वीप पर कब्जे का संकेत
ट्रंप ने ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र 'खर्ग द्वीप' पर कब्जे के संकेत भी दिए हैं। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि उनके पास कई विकल्प हैं और वे इस द्वीप पर नियंत्रण प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने इसके रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, 'हम खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं, या नहीं भी कर सकते। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई बचाव का रास्ता है। हम इसे आसानी से हासिल कर सकते हैं।'
ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिका के इन दावों के बीच, ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने अमेरिका और इजरायल पर कूटनीति के तहत जमीनी हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका उन चीजों को हासिल करना चाहता है, जिन्हें वह युद्ध में नहीं जीत सका। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की सेना पूरी तरह से तैयार है और वे किसी भी दबाव या अपमान को सहन नहीं करेंगे।