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मसूरी में कूड़े के ढेर में लगी आग से मची अफरातफरी

मसूरी में शुक्रवार रात को कूड़े के ढेर में लगी आग ने शहर की कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। अग्निशामक दल ने कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना ने मसूरी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावों की सच्चाई को उजागर किया है। जानें इस घटना के बारे में और क्या चिंताजनक पहलू सामने आए हैं।
 

मसूरी में आग की घटना


मसूरी, जो पहाड़ों की रानी के नाम से जानी जाती है, में शुक्रवार रात को कूड़े के ढेर में आग लग गई, जिसने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस और अग्निशामक दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया।


इस घटना ने शहर के कूड़ा प्रबंधन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आइडियाज बिल्डिंग के पास वर्षों से जमा सूखे कूड़े के बड़े ढेर में अचानक आग भड़क उठी।


आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा क्षेत्र धुएं से भर गया, जिससे आसपास के निवासियों में अफरातफरी मच गई। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इसके बाद नगर पालिका की स्वच्छता टीम को बुलाया गया, जिसने जेसीबी मशीन की मदद से कूड़े को अलग किया, जिससे दमकल कर्मियों को आग की जड़ों तक पहुंचने में मदद मिली।


अग्निशामक विभाग के प्रभारी धीरज तड़ियाल ने बताया कि तीन फायर टेंडरों को घटनास्थल पर तैनात किया गया था, लेकिन पानी की कमी के कारण वाहनों को बार-बार जल स्रोतों तक भेजना पड़ा। इस वजह से राहत कार्य में देरी हुई और आग पर काबू पाने में लगभग पांच घंटे लग गए।


स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह हादसा आसपास के आवासीय क्षेत्रों में फैल सकता था। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि घटनास्थल के निकट आग बुझाने के लिए पर्याप्त जल स्रोत या फायर हाइड्रेंट की व्यवस्था नहीं थी।


मसूरी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए किए गए दावों की सच्चाई इस घटना ने उजागर कर दी। जिस कूड़े का समय पर निस्तारण होना चाहिए था, वही आग का कारण बन गया। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।