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मसूरी में कूड़े के ढेर में लगी आग से मची अफरातफरी

मसूरी में शुक्रवार रात को कूड़े के ढेर में आग लगने से अफरातफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशामक दल मौके पर पहुंचे, लेकिन आग पर काबू पाने में पांच घंटे लग गए। इस घटना ने शहर की कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में फैल सकती थी। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
 

मसूरी में आग की घटना


मसूरी, जो पहाड़ों की रानी के नाम से जानी जाती है, में शुक्रवार रात को कूड़े के ढेर में आग लग गई। जैसे ही आग की सूचना मिली, मसूरी पुलिस और अग्निशामक दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया।


इस घटना ने शहर की कूड़ा प्रबंधन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आइडियाज बिल्डिंग के पास वर्षों से जमा सूखे कूड़े के विशाल ढेर में अचानक आग भड़क उठी।


आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा क्षेत्र धुएं से भर गया, जिससे आसपास के निवासियों में अफरातफरी मच गई। पुलिस प्रशासन की टीम ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन असफल रही। इसके बाद नगर पालिका की स्वच्छता टीम को बुलाया गया। जेसीबी मशीन की मदद से कूड़े को अलग किया गया, जिससे दमकल कर्मियों को आग की जड़ों तक पहुंचने में मदद मिली और धीरे-धीरे आग को नियंत्रित किया गया।


अग्निशमन विभाग के प्रभारी धीरज तड़ियाल ने बताया कि तीन फायर टेंडरों को मौके पर भेजा गया, लेकिन पानी की कमी के कारण बार-बार जल स्रोतों तक जाना पड़ा। इस वजह से राहत कार्य में काफी समय लगा और आग पर काबू पाने में लगभग पांच घंटे लग गए।


स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह हादसा आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में फैल सकता था। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि घटनास्थल के पास आग बुझाने के लिए पर्याप्त जल स्रोत या फायर हाइड्रेंट की व्यवस्था नहीं थी।


मसूरी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावे अक्सर किए जाते हैं, लेकिन इस घटना ने उन दावों की सच्चाई को उजागर कर दिया। जिस कूड़े का समय पर निस्तारण होना चाहिए था, वही आग का कारण बन गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।