मलेशिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया
मलेशिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाने पर प्रतिबंध लगाने वाले नए नियम लागू कर दिए हैं। यह कदम बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। नए नियमों के तहत, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को आयु सत्यापन प्रणाली लागू करनी होगी। उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। जानें इस कानून के पीछे के उद्देश्य और अन्य देशों की स्थिति के बारे में।
Jun 1, 2026, 15:19 IST
सोशल मीडिया पर नए नियमों की शुरुआत
कुआलालंपुर। मलेशिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट रखने पर प्रतिबंध लगाने वाले नए नियम सोमवार से लागू कर दिए हैं। यह कदम बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ावा देने के वैश्विक प्रयास का हिस्सा है। इन नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को आयु सत्यापन प्रणाली लागू करनी होगी और 16 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं को अकाउंट बनाने से रोकना होगा।
ये नियम उन प्लेटफार्मों पर लागू होंगे जिनकी उपयोगकर्ता संख्या 80 लाख से अधिक है, जैसे कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर 1 करोड़ रिंगिट (लगभग 25 लाख अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, यदि बच्चे इस कानून को दरकिनार कर अकाउंट बना लेते हैं, तो उनके माता-पिता पर कोई दंड नहीं होगा।
सरकार ने बताया कि इन उपायों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को हानिकारक सामग्री, ऑनलाइन उत्पीड़न और उन विशेषताओं से बचाना है जो अत्यधिक उपयोग को बढ़ावा देती हैं। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और इंडोनेशिया जैसे देशों ने भी बच्चों की सोशल मीडिया पहुंच को सीमित करने के लिए आयु आधारित प्रतिबंध लागू किए हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, डेनमार्क, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया भी इसी दिशा में कदम उठा रहे हैं।
मलेशिया के संचार एवं मल्टीमीडिया आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उद्देश्य बच्चों को इंटरनेट या डिजिटल प्रौद्योगिकी से दूर रखना नहीं है, बल्कि सेवा प्रदाताओं से ऑनलाइन खतरों का सामना करने और सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है। प्रौद्योगिकी कंपनियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वे इन नए नियमों का पालन कैसे करेंगी।
आयु सत्यापन प्रणाली को लागू करने के लिए प्लेटफार्मों को कुछ समय दिया जाएगा। मेटा की सार्वजनिक नीति निदेशक क्लारा कोह ने चेतावनी दी थी कि इस तरह का पूर्ण प्रतिबंध किशोरों को सुरक्षित ऐप्स से दूर कर सकता है और उन्हें इंटरनेट के अनियंत्रित हिस्सों की ओर ले जा सकता है। उन्होंने बताया कि मेटा ने 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए 'टीन अकाउंट' शुरू किए हैं, जो संपर्क, स्क्रीन समय और अनुचित सामग्री तक पहुंच को सीमित करते हैं।