ममता बनर्जी ने भाजपा पर साधा निशाना, चुनावी रैलियों में की कड़ी आलोचना
मुख्यमंत्री की चुनावी रणनीति
रविवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल में भय का माहौल उत्पन्न करने के लिए युद्ध की गाड़ियां लेकर आई है, लेकिन बंगाल की जनता डरने वाली नहीं है। ममता ने स्पष्ट किया कि वे इस संघर्ष को लोकतांत्रिक तरीके से लड़ेंगी और भाजपा को हराने का संकल्प लिया है।
धर्म की राजनीति पर सवाल
ममता बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे प्रवासी श्रमिकों की भावनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरों को गीता और अन्य धार्मिक ग्रंथों की कसम दिलाई जा रही है ताकि वे भाजपा के पक्ष में वोट डालें। मुख्यमंत्री ने इसे राजनीति का सबसे गिरा हुआ स्तर बताया।
पीएम मोदी पर सीधा हमला
महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा, 'पिछले शुक्रवार को लोकसभा में सरकार को मुंह की खानी पड़ी है।' ममता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री अपनी हार और खराब छवि को छिपाने के लिए रोने का नाटक कर रहे हैं।
उन्होंने यह सवाल उठाया कि यदि बिल 2023 में पारित हो गया था, तो इसे अब तक प्रभावी रूप से लागू क्यों नहीं किया गया? ममता ने कहा कि भाजपा महिलाओं के सम्मान की बात तो करती है, लेकिन उनकी मंशा में खोट है।
चुनावी रैलियों की व्यस्तता
रविवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का चुनावी कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा। उन्होंने तारकेश्वर से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की और इसके बाद कालना, मंतेश्वर और बर्द्धमान दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता के आक्रामक बयानों से राज्य में चुनावी ध्रुवीकरण और तेज हो सकता है।