ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल, भाजपा पर लगाए तुष्टीकरण के आरोप
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है, आरोप लगाते हुए कि राज्य को अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने 50 से अधिक अधिकारियों के मनमाने तबादलों को राजनीतिक हस्तक्षेप करार दिया। भाजपा ने टीएमसी और वामपंथियों पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया है। इस बीच, भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया। बनर्जी ने संस्थागत पक्षपात का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन को अस्थिर करने का आरोप लगाया है।
Mar 19, 2026, 16:10 IST
ममता बनर्जी की चुनाव आयोग पर कड़ी आलोचना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनावों से पहले राज्य को अनुचित तरीके से निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने से पहले ही 50 से अधिक वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को मनमाने ढंग से हटा दिया गया है। बनर्जी ने इसे "राजनीतिक हस्तक्षेप" करार दिया और चेतावनी दी कि इस प्रकार की कार्रवाइयां संस्थागत निष्पक्षता को कमजोर करती हैं, जिससे राज्य में चुनावों के संचालन को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न होती हैं।
भाजपा का टीएमसी और वामपंथियों पर हमला
भाजपा ने 'तुष्टीकरण की राजनीति' के आरोपों के तहत टीएमसी और वामपंथियों पर निशाना साधा। भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने इन पार्टियों पर तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इन प्रयासों के बावजूद, अल्पसंख्यक समुदायों को कोई वास्तविक विकास नहीं मिला, बल्कि उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया। ये टिप्पणियां चुनावों से पहले पार्टियों के बीच बढ़ती जुबानी जंग को और बढ़ावा देती हैं।
चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया में बाधा का आरोप
भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया के लिए डेटा प्रबंधन अधिकारियों की मांग की थी, लेकिन ममता बनर्जी की सरकार ने सहयोग करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि इस कदम से राज्य में चुनावी तैयारियों में बाधा उत्पन्न हुई है। पॉल की ये टिप्पणियां पश्चिम बंगाल में चुनाव संचालन और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच आई हैं।
संस्थागत पक्षपात का मुद्दा उठाते हुए ममता बनर्जी
बनर्जी ने आगे आरोप लगाया कि सूचना एवं संचार ब्यूरो (आईबी), एसटीएफ और सीआईडी जैसी प्रमुख एजेंसियों को चुनिंदा तबादलों के माध्यम से कमजोर किया जा रहा है, जिसे उन्होंने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को पंगु बनाने का जानबूझकर प्रयास बताया। उन्होंने पारदर्शिता को लेकर चिंता जताते हुए पूरक मतदाता सूचियों के प्रकाशन में देरी पर भी सवाल उठाए। स्थिति को “अघोषित आपातकाल” बताते हुए उन्होंने भाजपा पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि बंगाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगा।