ममता बनर्जी ने उपचुनाव न लड़ने का किया ऐलान, हार के लिए चुनाव आयोग को ठहराया जिम्मेदार
ममता बनर्जी का कड़ा रुख
पश्चिम बंगाल में सत्ता खोने के बाद ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि वह अब कोई उपचुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने हार के लिए चुनाव आयोग और प्रशासनिक साजिश को जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफा देने से भी इनकार किया है। ममता का कहना है कि यह जनादेश लूट का परिणाम है, इसलिए वह जनता के बीच रहकर संघर्ष जारी रखेंगी।
सत्ता की कुर्सी पर ममता का बयान
ममता ने कहा कि चाहे सत्ता की कुर्सी रहे या जाए, वह लोकतंत्र की इस लूट के सामने समर्पण नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब चुनावी मशीनरी ही बिक चुकी हो, तो चुनाव लड़ने का क्या मतलब है? यह उनकी हार का खुला विद्रोह है।
भाजपा और केंद्र सरकार पर आरोप
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के परिणामों के बाद ममता ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले भाजपा ने निष्पक्ष IAS और IPS अधिकारियों का तबादला कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया। ममता ने कहा कि उनकी हार नहीं हुई है, बल्कि साजिश के तहत उनसे 100 सीटें छीनी गई हैं।
EVM और वोटर लिस्ट पर सवाल
ममता ने EVM की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदान के बाद मशीनों में 80% से 95% चार्जिंग कैसे रह सकती है। इसके अलावा, उन्होंने वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि 90 लाख नाम हटाए गए थे, जिनमें से केवल 32 लाख वापस आए।
मीडिया और चुनावी प्रक्रिया पर टिप्पणी
ममता ने मीडिया पर भी आरोप लगाया कि दिल्ली से बुलाए गए पत्रकारों ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव उनके राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन चुनाव था।
भविष्य की रणनीति
ममता ने कहा कि वह INDIA गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी हैं और इस 'गंदे खेल' के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि वे डरने वाली पार्टी नहीं हैं और लोकतांत्रिक लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगी।