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ममता बनर्जी के खिलाफ नई FIR, भाषण पर उठे सवाल

कोलकाता में ममता बनर्जी के एक राजनीतिक भाषण के बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके बयान से सांप्रदायिक तनाव और नागरिकों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो सकती है। यह मामला 2026 के विधानसभा चुनावों के प्रचार से जुड़ा है, जिसमें ममता ने एक विशेष समुदाय के एकजुट होने पर गंभीर परिणामों की चेतावनी दी थी। जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 

कोलकाता में ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज

मार्च 2026 में दिए गए एक राजनीतिक भाषण के बाद, शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता ममता बनर्जी के खिलाफ एक नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। ममता ने चेतावनी दी थी कि यदि कोई विशेष समुदाय एकजुट होता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। कोलकाता के एक निवासी ने उनके सार्वजनिक भाषणों का हवाला देते हुए हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसे अब FIR के रूप में दर्ज किया गया है। 


भाषण से सांप्रदायिक तनाव का खतरा

कोलकाता के एक निवासी ने FIR में आरोप लगाया है कि ममता के भाषण से सांप्रदायिक तनाव और सार्वजनिक अशांति उत्पन्न हो सकती है। शिकायत में ममता बनर्जी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। यह मामला 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ बयानों से संबंधित है। दक्षिण कोलकाता के नेताजी नगर पुलिस स्टेशन में 20 मई को दी गई शिकायत के अनुसार, स्थानीय निवासी तुषार कांति दास ने आरोप लगाया कि ममता के बयान से राज्य में विभिन्न समुदायों के बीच डर और तनाव बढ़ सकता है। 


ममता के बयान से नागरिकों में असुरक्षा

अपनी शिकायत में तुषार कांति दास ने कहा कि ममता ने भारतीय जनता पार्टी के "गुमराह करने वाले प्रचार" के बारे में मतदाताओं को चेतावनी दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि ममता ने संकेत दिया कि यदि वोटिंग पैटर्न में बदलाव आया, तो किसी विशेष समुदाय को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। दास ने आरोप लगाया कि यह बयान अस्पष्ट था और इससे नागरिकों में डर और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो सकती है।