ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, सीआईडी ने किया घर पर छापा
ममता बनर्जी की मुश्किलें
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव में हार के बाद से कई चुनौतियों का सामना कर रही हैं। आज जब वह सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली जा रही थीं, उसी समय कोलकाता में सीआईडी की एक टीम उनके निवास पर पहुंची। जानकारी के अनुसार, सीआईडी की टीम ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को नोटिस देने आई थी।
दिल्ली दौरा और सीआईडी की जांच
ममता और अभिषेक बनर्जी दोनों ही इस समय इंडिया गठबंधन की बैठक के लिए दिल्ली में हैं। सोमवार को इस गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें सोनिया और ममता की गले मिलते हुए तस्वीरें चर्चा का विषय बनीं। आज ममता ने सोनिया से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए उनके घर का रुख किया। दूसरी ओर, कोलकाता में सीआईडी की टीम फर्जी सिग्नेचर मामले की जांच के लिए ममता के घर पहुंची।
फर्जी सिग्नेचर का मामला
फर्जी सिग्नेचर का यह मामला तब शुरू हुआ जब TMC विधायक दल ने 6 मई को शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष के रूप में नामित किया। अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष को 70 विधायकों के सिग्नेचर वाला एक पत्र सौंपा। कुछ समय बाद, दो विधायकों ने दावा किया कि यह पत्र फर्जी है और उनके सिग्नेचर गलत तरीके से किए गए हैं। इस शिकायत के बाद विधानसभा सचिवालय ने एफआईआर दर्ज कराई, जिसकी जांच अब सीआईडी कर रही है।
सीआईडी की जांच की प्रगति
एफआईआर के बाद से सीआईडी की टीम ने अभिषेक बनर्जी को कई बार नोटिस देने के लिए उनके घर का दौरा किया है। जांच का मुख्य फोकस यह है कि क्या सिग्नेचर वास्तव में फर्जी हैं और यदि हां, तो किसने उन्हें जाली तरीके से किया। चूंकि पत्र अभिषेक ने ही प्रस्तुत किया था, इसलिए जांच उनके चारों ओर घूम रही है। अभिषेक ने इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।
टीएमसी का आरोप
टीएमसी इस मामले को एक साजिश मान रही है। पार्टी का कहना है कि सुवेंदु अधिकारी जानबूझकर ममता और अभिषेक को निशाना बना रहे हैं। जिन विधायकों ने आरोप लगाए हैं, उन्हें पहले ही पार्टी से निकाल दिया गया है। ऋतब्रत ने तो पूरी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की है, और खबरें हैं कि 80 में से 60 विधायक उनके खेमे में शामिल हो गए हैं।