ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, चुनाव परिणामों पर उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल में भाजपा की हार के बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने चुनाव परिणामों को एक साजिश करार दिया और कहा कि उनकी पार्टी ने चुनाव नहीं हारा। कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि वह इस्तीफा नहीं देतीं, तो भी नई विधानसभा का गठन हो सकता है। बनर्जी ने यह भी कहा कि वह सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ेंगी। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
May 5, 2026, 19:03 IST
ममता बनर्जी का अडिग रुख
पश्चिम बंगाल में भाजपा की हार के बाद ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह इस्तीफा नहीं देंगी। तृणमूल कांग्रेस की नेता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि भाजपा ने सत्ता पर कब्जा किया है। 6 मई को मौजूदा सरकार का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह अपनी कुर्सी को बचा पाती हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि विरोध का कोई असर नहीं होगा। राज्यपाल विधानसभा को भंग कर सकते हैं, जिससे सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। बनर्जी का इस्तीफा न देने का निर्णय संविधान के खिलाफ माना जा सकता है। यदि वह नियमों का पालन नहीं करतीं, तो राज्यपाल के पास सरकार को बर्खास्त करने का विकल्प होगा। “यह संविधान के प्रावधानों के अनुरूप होगा।
चुनाव परिणामों को चुनौती देने का अधिकार
हालांकि, ममता बनर्जी चुनाव परिणामों को किसी भी मंच पर चुनौती देने के लिए स्वतंत्र हैं। वर्तमान में, उनके पास कुर्सी पर बने रहने का कोई ठोस आधार नहीं है। यदि वह इस्तीफा नहीं देतीं, तो भी राज्यपाल उन्हें अगले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण तक बने रहने के लिए कह सकते हैं। लेकिन संविधान के अनुसार, कोई भी सरकार पांच साल के बाद जारी नहीं रह सकती। यदि बनर्जी चुनाव को चुनौती देती हैं, तो यह एक चुनावी याचिका के माध्यम से होगा, जिसकी सुनवाई बाद में होगी। वह एसआईआर हटाने के मुद्दे पर चुनाव को चुनौती दे सकती हैं, लेकिन यह एक अलग याचिका होगी। यदि वह यह कदम उठाती हैं, तो भी मुख्यमंत्री पद पर बने रहने की संभावना नहीं है।
संविधान के जानकारों की राय
संविधान के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देतीं, तो भी नई विधानसभा के गठन और नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राज्यपाल मौजूदा मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बिना भी नई विधानसभा में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति कर सकते हैं। कार्यकाल के बीच मुख्यमंत्री बदलने में संवैधानिक अड़चन है, लेकिन विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने पर नई विधानसभा के गठन में कोई बाधा नहीं है। निर्वाचन आयोग द्वारा जिन उम्मीदवारों को जीत का प्रमाण पत्र दिया गया है, वही मान्य होंगे।
ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार
ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम जनादेश नहीं, बल्कि एक साजिश है। उन्होंने सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ने और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प लिया। बनर्जी ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उनकी लड़ाई निर्वाचन आयोग से थी, जिसने भाजपा के पक्ष में काम किया। भाजपा की जीत के एक दिन बाद, बनर्जी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मेरे इस्तीफे का सवाल नहीं उठता, क्योंकि हमारी हार जनादेश से नहीं, बल्कि साजिश के तहत हुई है। मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी।’’ उन्होंने कहा कि इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता।
शुभेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया
शुभेंदु अधिकारी ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सब कुछ संविधान में स्पष्ट है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस विषय पर ज्यादा कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है।