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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द की, CBI की गिरफ्तारी की संभावना

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और चल रही जांच को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। अब CBI को गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी में कोई कानूनी बाधा नहीं है। सुनवाई के दौरान पेश की गई WhatsApp चैट ने मामले को और जटिल बना दिया है। जानें इस मामले में आगे क्या हो सकता है और CBI की कार्रवाई के बारे में।
 

मामले का नया मोड़


मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कोर्ट ने गिरिबाला सिंह, जो मृतका की सास हैं, को निचली अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही, 15 मई को भोपाल सेशंस कोर्ट द्वारा पारित जमानत आदेश भी खारिज कर दिया गया है। गिरिबाला, जो एक रिटायर्ड जिला जज हैं, अब गिरफ्तारी के खतरे में हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है या वे कोर्ट में सरेंडर कर सकती हैं। कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता और चल रही जांच को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।


कोर्ट का आदेश

बुधवार को, वेकेशन जज देवनारायण मिश्रा ने 17 पन्नों के आदेश में कहा, "मामले के तथ्यों और आरोपों को देखते हुए, 15 मई को पारित अग्रिम जमानत आदेश को रद्द किया जाता है।"


कोर्ट ने क्या कहा?


Twisha Sharma Death Case | मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत की रद्द, CBI कभी भी कर सकती है गिरफ्तार


सुनवाई के दौरान, मृतका के परिवार ने कोर्ट में WhatsApp चैट प्रस्तुत की, जिसमें ट्विशा ने बताया था कि उसके पति और ससुराल वाले उस पर शक कर रहे थे और गर्भपात के लिए दबाव डाल रहे थे।


जांच की स्थिति

CBI और राज्य सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई चोटों के निशान पाए गए हैं। CBI ने यह भी कहा कि आरोपी पक्ष जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, जिससे सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका है।


कोर्ट ने पाया कि गवाहों के बयानों और WhatsApp चैट के आधार पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि आरोप केवल पति समर्थ सिंह पर ही हैं। कोर्ट ने माना कि गिरिबाला पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


कोर्ट ने यह भी कहा कि निचली अदालत ने मामले की गंभीरता का सही आकलन नहीं किया, जिसके कारण अग्रिम जमानत रद्द की गई। अब CBI को गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी में कोई कानूनी बाधा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।


CBI की कार्रवाई

इससे पहले, भोपाल की एक अदालत ने ट्विशा शर्मा के पति, समर्थ सिंह को CBI की कस्टडी में भेज दिया था। समर्थ को 10 दिनों तक फरार रहने के बाद 22 मई को जबलपुर में गिरफ्तार किया गया था। CBI ने ट्विशा की मौत की जांच के लिए कटारा हिल्स में गिरिबाला सिंह के घर का दौरा किया।


CBI ने ट्विशा शर्मा की मौत की जांच अपने हाथ में ले ली है, जिसमें समर्थ और गिरिबाला को आरोपी बनाया गया है।